रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा
रीवा। जिले के तीन सौ से अधिक शिक्षक शुक्रवार को अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। शिक्षाकर्मी घोटाले में निर्दोष साबित होने के बावजूद अब तक संविलियन व क्रमोन्नति आदेश लंबित रहने से नाराज़ शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने धरना दिया।
इस दौरान सिरमौर विधायक की अगुवाई में शिक्षकों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। बैठक में सीईओ जिला पंचायत, डीईओ रीवा और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने शिक्षकों की समस्याओं के निराकरण के लिए 27 अक्टूबर तक का आश्वासन दिया।
गौरतलब है कि वर्ष 1998 में शिक्षाकर्मी वर्ग-3 की भर्ती जनपद स्तर पर हुई थी। भर्ती को लेकर लगे घोटाले के आरोपों की लोकायुक्त और न्यायालय दोनों ने ही जांच की, लेकिन किसी भी शिक्षक को दोषी नहीं माना गया। उल्टा इस मामले में नियोक्ता पक्ष को जिम्मेदार ठहराया गया। इसके बाद भी जवा जनपद समेत अन्य ब्लॉकों के दर्जनों शिक्षक शासन से राहत पाने को तरस रहे हैं।
शिक्षकों की मुख्य मांग है कि लंबित सहायक शिक्षक/अध्यापकों का नवीन शिक्षक संवर्ग में संविलियन किया जाए और पात्रता अनुसार क्रमोन्नति आदेश तत्काल जारी हों।
