नल–जल योजना बनी सिरदर्द: बीच सड़क फोड़कर छोड़ी बदहाल, NH पर शर्तों के विरुद्ध पाइपलाइन कार्य से ग्रामीणों में आक्रोश
Tap-water scheme becomes a headache: Roads were broken and left in a dilapidated state, villagers are angry over pipeline work on NH against the conditions.

रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा
रीवा जिले के सिरमौर विधानसभा क्षेत्र के जवा जनपद पंचायत अंतर्गत सैकड़ों ग्राम पंचायतों में नल–जल योजना ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कार्य एजेंसी एनसीसी कंपनी द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग पर पाइपलाइन बिछाने का कार्य विभागीय शर्तों के विपरीत किया जा रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, प्रावधान था कि सड़क से 15 मीटर दूर खुदाई की जाए, लेकिन कंपनी जेसीबी से सड़क के बिल्कुल किनारे और कई स्थानों पर बीच सड़क को काटकर पाइपलाइन डाल रही है। स्थिति यह है कि खुदाई के बाद गड्ढों को ठीक से भरने तक की व्यवस्था नहीं की गई।

नहर की पुलिया के पास बड़े हिस्से को काटकर अधूरा छोड़ दिया गया है, वहीं कमजोर पुल के ऊपर से पाइपलाइन बिछाने को लेकर भी लोगों में रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे पुल पर अतिरिक्त भार पड़ेगा और कभी भी हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों ने जताई नाराज़गी
एक ग्रामीण ने बताया—
“नल–जल योजना के नाम पर मनमानी हो रही है।”
“सड़क काटकर छोड़ दी गई है, मरम्मत तक नहीं कराई।”
“बारिश में पूरी सड़क कीचड़ और गड्ढों में बदल जाती है।”
स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब एक साल पहले बनी पीसीसी सड़क को बीच से काटकर पाइपलाइन डाली गई, लेकिन कार्य पूर्ण होने पर भी सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। परिणामस्वरूप सड़क जगह–जगह धंस चुकी है और थोड़ी बारिश में भी चलना मुश्किल हो जाता है।
विभागीय शर्तें धरी रह गईं
दस्तावेजों के अनुसार पाइपलाइन बिछाने की अनुमति कुछ स्पष्ट शर्तों के साथ दी गई थी—
सड़क को पूर्व स्थिति में पूरी तरह दुरुस्त करना
यातायात में बाधा न उत्पन्न करना
सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन
लेकिन जमीनी हालात इन नियमों के उलट दिखाई दे रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि क्षतिग्रस्त सड़कों की जल्द मरम्मत कराई जाए और पाइपलाइन कार्य को नियमित मानकों के अनुरूप कराया जाए, जिससे दुर्घटनाओं और परेशानियों से बचा जा सके।



