छत्तीसगढ़

फर्जी लाइसेंस के सहारे चल रहा सिरप कारोबार, 4 गिरफ्तार

Syrup business running on fake license, 4 arrested

भिलाई: दुर्ग पुलिस ने नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित कोडीन युक्त सिरप (Illegal Codeine Syrup) के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में मुख्य सरगना सहित चार आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से भारी मात्रा में सिरप और अन्य सामान जब्त किया है।

पुलिस के अनुसार, 23 अप्रैल 2026 को चौकी स्मृतिनगर क्षेत्र के ग्राम जुनवानी खम्हरिया रोड के पास तीन लोगों द्वारा प्रतिबंधित कोडीन युक्त सिरप ले जाने की सूचना मिली थी। इसके आधार पर चौकी स्मृतिनगर और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर सेण्ट्रो कार (क्रमांक सीजी-07/8595) को रोका। तलाशी में कार से सात कार्टून में रखे सीएडीआइएफओएस टी नामक सिरप बरामद किए गए।

पूछताछ में आरोपित योगेश शर्मा और उमेश कुमार यादव ने बताया कि वे फर्जी ड्रग लाइसेंस तैयार कर गुजरात की कंपनियों से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म इंडिया मार्ट और ई-कुरियर के माध्यम से नशीली सिरप मंगाते थे। इसके बाद इन सिरप को अधिक कीमत पर बेचकर मुनाफा कमाया जाता था।

जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपित योगेश शर्मा ने एक असली ड्रग लाइसेंस में एडिटिंग कर अपने नाम से फर्जी लाइसेंस तैयार किया था। साथ ही फर्जी लेटरपैड और सील बनवाकर इस अवैध कारोबार को अंजाम दिया जा रहा था।
अन्य आरोपी भी गिरफ्तार

पुलिस जांच में गिरोह के अन्य सदस्य महावीर जैन उर्फ रोहित और सतीश मेश्राम की संलिप्तता सामने आई, जिन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस ने आरोपितों के पास से 800 नग सीएडीआईएफओएस टी सिरप (कीमत लगभग 2,08,800 रुपये), एक एक्टिवा, एक सेण्ट्रो कार, चार मोबाइल फोन और 1,200 रुपये नकद सहित कुल करीब 5 लाख रुपये का मशरूका जब्त किया है।
कानूनी कार्रवाई जारी

आरोपितों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 22, 8(ख), 27(क) और 29 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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