पूर्व मंत्री कवासी लखमा को मिली राहत; सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत
Supreme Court grants interim bail to former minister Kawasi Lakhma

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में पिछले एक साल से जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को बड़ी राहत मिली है। सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को लखमा की याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें अंतरिम जमानत प्रदान की है। हालांकि, यह जमानत पूरी तरह शर्तों के अधीन है।
सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख और शर्तें
चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाला बागची की खंडपीठ ने लखमा को राहत देते हुए तीन प्रमुख शर्तें लागू की हैं…
राज्य से निर्वासन: कवासी लखमा जमानत की अवधि के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा से बाहर रहेंगे।
सत्र के लिए अनुमति: वह केवल विधानसभा सत्र शुरू होने से एक दिन पहले छत्तीसगढ़ में प्रवेश कर सकेंगे।
सत्र बाद रवानगी: विधानसभा सत्र समाप्त होते ही उन्हें पुनः राज्य से बाहर जाना होगा।
अदालत में लखमा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी, सिद्धार्थ दवे और हर्षवर्धन परघनिया ने पैरवी की, जिन्होंने उनके स्वास्थ्य और लंबे समय से हिरासत का हवाला दिया।
क्या है पूरा मामला?
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 15 जनवरी 2025 को शराब घोटाला मामले में कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था। ईडी का आरोप है कि इस घोटाले की कुल अवैध कमाई में से करीब 70 करोड़ रुपये का कमीशन सीधे लखमा तक पहुँचा था। पिछले एक वर्ष से वह रायपुर केंद्रीय जेल में न्यायिक हिरासत में थे।



