4 घंटे तक पुल के पार फंसे छात्र, अचानकमार में यातायात ठप

Students stranded across the bridge for 4 hours; traffic brought to a halt in Achanakmar.

बिलासपुर: तेज बारिश के बाद अचानकमार टाइगर रिजर्व ATR क्षेत्र में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। जंगलों व ऊपरी पहाड़ी इलाकों में हुई भारी वर्षा से मनियारी नदी उफान पर आ गई, जिससे बिंदावल और छपरवा के बीच बने पुल के ऊपर पानी का तेज बहाव बहने लगा। सड़क संपर्क टूटने के कारण छपरवा हायर सेकंडरी स्कूल से पढ़कर लौट रहे आधा दर्जन गांवों के स्कूली बच्चे रास्ते में ही फंस गए।

पानी के खतरनाक बहाव को देखते हुए टाइगर रिजर्व से गुजरने वाली दो यात्री बसों को भी रोक दिया गया। करीब चार घंटे तक बच्चे, ग्रामीण और यात्री पुल के दोनों छोर पर पानी उतरने का इंतजार करते रहे। शाम को जलस्तर कम होने के बाद ही आवागमन बहाल हो सका और बच्चे सुरक्षित अपने घरों को पहुंच पाए।

छपरवा स्कूल से लौट रहे थे बच्चे, नदी के उफान ने रोक दिया रास्ता

प्राप्त जानकारी के अनुसार, छपरवा में स्थित हायर सेकंडरी स्कूल में आसपास के वनांचल गांवों अचानकमार, बिंदावल, तिलई डबरा और लमनी से रोजाना सैकड़ों छात्र-छात्राएं पढ़ाई करने आते हैं। मंगलवार दोपहर स्कूल की छुट्टी के बाद जब बच्चे घर लौट रहे थे, तभी मनियारी नदी का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ गया।

पुल के ऊपर से कई फीट पानी बहने के कारण हादसों की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों और बस चालकों ने समझदारी दिखाते हुए वाहनों और बच्चों को पुल पार करने से रोक दिया।हर साल बनती है यही मुसीबत, स्थायी उच्चस्तरीय पुल की उठ रही मांग अचानकमार टाइगर रिजर्व के कोर व बफर जोन में बसे गांवों के लिए बिंदावल-छपरवा मार्ग मुख्य संपर्क मार्ग है। बारिश के मौसम में इस मार्ग पर नीचे बने पुल के कारण हर वर्ष ऐसी स्थिति निर्मित होती है।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है

जब भी नदी में उफान आता है, उनका संपर्क जिला व ब्लॉक मुख्यालय से पूरी तरह कट जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से कई बार इस स्थान पर ऊंचा और मजबूत (उच्चस्तरीय) पुल बनाने की मांग की है, ताकि हर साल मानसून में जान-माल का खतरा न उठाना पड़े।

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