छत्तीसगढ़
पोस्टकार्ड से छात्रों ने उठाई आवाज़, रीवा में मचा सियासी भूचाल
Students raised their voice through postcards, political upheaval in Rewa

लोकेशन – रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा
वोट चोरी पर एनएसयूआई का वार!
एंकर – रीवा में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन एनएसयूआई ने रीवा ज़िले में वोट चोरी के मुद्दे को लेकर बड़ा अभियान छेड़ दिया है। जिला अध्यक्ष पंकज उपाध्याय के नेतृत्व में यह अभियान टीआरएस महाविद्यालय के गेट से शुरू हुआ, जहाँ एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने स्टॉल लगाकर छात्र-छात्राओं से पोस्टकार्ड भरवाए। एनएसयूआई ने कॉलेज परिसर के बाहर छात्रों से संवाद करते हुए उन्हें वोट चोरी के ख़िलाफ़ अपनी आवाज़ बुलंद करने के लिए जोड़ा। कार्यकर्ताओं ने छात्रों को समझाया कि जिस प्रकार से चुनावों में गड़बड़ियाँ हो रही हैं और लोकतांत्रिक अधिकारों से जनता को वंचित किया जा रहा है, वह सीधे-सीधे संविधान पर हमला है। अभियान के दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने यह भी सवाल उठाया कि जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने निर्वाचन आयोग से जवाब माँगा है, तो जवाब देने की ज़िम्मेदारी भाजपा नेताओं पर क्यों आ रही है? एनएसयूआई नेताओं का कहना है कि यदि सब कुछ पारदर्शी है, तो सरकार और भाजपा को सवालों से घबराने की बजाय उसका जवाब निष्पक्ष तरीके से देना चाहिए। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस प्रकार से सत्ता पक्ष वोट चोरी और लोकतंत्र की मूल भावना को कमजोर कर रहा है, यह संविधान की हत्या करने जैसा है। यही कारण है कि पूरे देश में युवा अब जागरूक हो रहे हैं और लोकतंत्र को बचाने के लिए आवाज़ बुलंद कर रहे हैं एनएसयूआई ने घोषणा की है कि यह अभियान सिर्फ टीआरएस कॉलेज तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रीवा ज़िले के अन्य महाविद्यालयों में भी इसी तरह स्टॉल लगाकर छात्रों से समर्थन माँगा जाएगा। संगठन का मानना है कि युवा ही लोकतंत्र की असली ताक़त हैं और यदि छात्र आगे आएँगे तो कोई भी सत्ता लोकतंत्र को कमजोर नहीं कर पाएगी एनएसयूआई के इस अभियान के बाद रीवा की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।



