छत्तीसगढ़
भिलाई इस्पात संयंत्र में रणनीति 2025 – निदेशक (कार्मिक) कप का उद्घाटन
Strategy 2025 - Director (Personnel) Cup inaugurated at Bhilai Steel Plant

भिलाई इस्पात संयंत्र के मानव संसाधन विकास केंद्र में 07 अक्टूबर 2025 को “रणनीति 2025 – निदेशक (कार्मिक) कप (स्टेज-1)” का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। यह प्रतियोगिता स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) द्वारा अखिल भारतीय प्रबंधन संघ (एआईएमए) के सहयोग से आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य प्रतिभागियों के प्रबंधकीय एवं रणनीतिक निर्णय लेने की क्षमताओं को विकसित करना है।

इस प्रतियोगिता में कुल 31 टीमों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें एसएसपी की तीन टीमें भी शामिल थीं। प्रारंभिक मूल्यांकन के पश्चात 27 टीमें क्रमशः 14 एवं 13 टीमों के दो समूहों में प्रतिस्पर्धा कर रही हैं। उद्घाटन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में कार्यपालक निदेशक (खदान) श्री बी. के. गिरी उपस्थित रहे। प्रतियोगिता के लिए संकाय सहयोग सहायक निदेशक (एआईएमए) श्री सी. एस. रस्तोगी, एवं प्रबंधक (एआईएमए) श्री प्रदीप कुमार, द्वारा प्रदान किया जा रहा है। इस आयोजन का समन्वयन कार्यकारी महाप्रबंधक प्रभारी (मानव संसाधन – एल एंड डी) श्री मुकुल कुमार सहारिया के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।

अपने उद्घाटन संबोधन में श्री बी. के. गिरी ने वर्तमान के गतिशील व्यावसायिक परिवेश में इस प्रकार की प्रतियोगिताओं के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रणनीति जैसी पहल प्रतिभागियों को वास्तविक जीवन की प्रबंधन चुनौतियों का अनुकरण करते हुए विश्लेषणात्मक सोच, निर्णय क्षमता एवं नेतृत्व गुणों को विकसित करने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यावसायिक सिमुलेशन आज के प्रतिस्पर्धी युग में भविष्य के प्रबंधकीय नेतृत्व को दिशा देने का सशक्त माध्यम हैं।

‘रणनीति 2025 – निदेशक (कार्मिक) कप’ के उद्घाटन कार्यक्रम का संचालन उप प्रबंधक (मानव संसाधन – एल एंड डी) सुश्री सुष्मिता पाटला ने किया, जबकि उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन – एल एंड डी) श्री यशवंत सिंह जौहरी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
उल्लेखनीय है “रणनीति 2025 – निदेशक (कार्मिक) कप” सेल के विभिन्न संयंत्रों और इकाइयों के अधिकारियों के लिए एक अनूठा अनुभवात्मक शिक्षण मंच प्रदान करती है। यह मंच प्रतिभागियों में नवीन सोच, व्यावहारिक समस्या समाधान की क्षमता तथा रणनीतिक प्रबंधन की दृष्टि विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे वे भविष्य की जटिल व्यावसायिक चुनौतियों का प्रभावी रूप से सामना कर सकें।



