रीवा मप्र संवाददाता सुभाष मिश्रा
रीवा । अतरैला वन परिक्षेत्र कार्यालय परिसर में बीते चार दिनों से आमरण अनशन पर बैठे समाजसेवी सन्तेश्वर शुक्ला ने शनिवार को अपना अनशन समाप्त कर दिया। तहसीलदार राजेन्द्र शुक्ल ने मौके पर पहुँचकर चर्चा की और मांगों पर उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद उन्हें मीठा खिलाकर अनशन तुड़वाया।
समाजसेवी सन्तेश्वर शुक्ला ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य आपूर्ति व्यवस्था व आंगनबाड़ी पोषण सामग्री वितरण में कथित भ्रष्टाचार और कालाबाजारी के विरुद्ध आंदोलन कर रहे थे। उनका कहना था कि खाद्यान्न वितरण में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की जा रही है, जिसका सीधा नुकसान गरीब और जरूरतमंद परिवारों को हो रहा है।
मुख्य मांगें —
खाद्यान्न दुकानों में कमीशनखोरी एवं कालाबाजारी की जांच
आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण आहार वितरण की जांच
ग्राम पंचायत कोनी कला में हुए कार्यों की जांच
दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई
अनशन समाप्त कराते समय ग्राम क्षेत्र के कई सामाजिक व जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। इनमें समाजसेवी विजय तिवारी देवखर, भाजपा मंडल उपाध्यक्ष नरेन्द्र मिश्रा, दीपक तिवारी सरपंच प्रतिनिधि बरहुला, राजकुमार गौतम, कृष्ण कुमार प्यासी, शिवेन्द्र तिवारी, वीरेन्द्र गुप्ता एवं रमाकांत यादव सहित अन्य ग्रामीण शामिल रहे।
समाजसेवी सन्तेश्वर शुक्ला ने कहा—
“जनता के राशन और मासूम बच्चों के पोषण से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि जांच और कार्रवाई में देरी की गई तो आंदोलन फिर से शुरू किया जाएगा।”
स्थानीय ग्रामीणों ने भी खाद्य आपूर्ति और पोषण सामग्री वितरण व्यवस्था में अनियमितताओं के समाधान के लिए त्वरित जांच की मांग दोहराई है। प्रशासन की ओर से जांच प्रारंभ करने की बात कही गई है।
