नोनी सशक्तिकरण से नई उड़ान

Soaring to new heights through Noni empowerment

पुष्पांजलि प्रशासनिक सेवा की तैयारी में जुटीं, अनीता ने फिर शुरू की कॉलेज की पढ़ाई

रायपुर। बलरामपुर जिले की दो बेटियाँ अपने सपनों की ओर नए भरोसे के साथ बढ़ रही हैं। ग्राम बदर की कुमारी पुष्पांजलि ऋषि प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती हैं, जबकि ग्राम पंचायत सुरा की कुमारी अनीता नाग शिक्षिका बनकर गाँव के बच्चों को पढ़ाना चाहती हैं। आर्थिक कठिनाइयों के बीच मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना से दोनों को 20-20 हजार रुपये की सहायता मिली है।

कुमारी पुष्पांजलि का परिवार कृषि और मजदूरी पर निर्भर है। उच्च शिक्षा का खर्च जुटाना कठिन होने लगा था, लेकिन पढ़ाई के साथ पीएससी की तैयारी करने का उनका संकल्प बना रहा। योजना की जानकारी मिलने पर उन्होंने आवेदन किया। सहायता राशि बैंक खाते में पहुँचने के बाद वे अपनी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में लगन से जुटी हैं।

कुमारी अनीता की कॉलेज की पढ़ाई आर्थिक कारणों से प्रभावित हो रही थी। आगे पढ़ने की इच्छा के बावजूद खर्च की चिंता उनके सामने थी। योजना के तहत सहायता मिलने पर उन्होंने दोबारा कॉलेज में प्रवेश लिया और पढ़ाई शुरू कर दी।कुमारी अनीता पढ़ाई पूरी करके शिक्षिका बनना चाहती हैं, ताकि गाँव के बच्चों का भविष्य संवारने में योगदान दे सकें।

दोनों बेटियों ने कहा कि इस सहायता से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। सेवा संकल्प अभियान के दौरान सामने आई कुमारी पुष्पांजलि और कुमारी अनीता की कहानियाँ दिखाती हैं कि समय पर मिला सहयोग बेटियों को शिक्षा जारी रखने और अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने का अवसर देता है।

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