अयोध्या और चित्रकूट में भक्ति और अध्यात्म का संगम

जांजगीर। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की नगरी अयोध्या और ऋषि सती अनुसुइया की पावन तपोभूमि चित्रकूट में भक्ति और अध्यात्म के संगम का अद्वितीय दृश्य देखने को मिला। शिव मानस मंडली जांजगीर की टीम ने अयोध्या, चित्रकूट धाम पहुंचकर अंतरंग नगर के स्थानीय सदस्यों के साथ मिलकर विशेष सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया। यह अनुष्ठान गोस्वामी तुलसीदास की कर्मस्थली चित्रकूट धाम में भक्तिमय वातावरण के बीच संपन्न हुआ। यह धार्मिक कार्यक्रम दो चरणों में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य इन दोनों पवित्र स्थानों को भक्ति के धागे से जोड़ना था। अयोध्या में दल के सदस्यों ने प्रसिद्ध हनुमान गढ़ी के समीप पाठ किया। वहीं चित्रकूट में यह पाठ एक विशेष तरीके से आयोजित किया गया। मंडली के सदस्यों ने पवित्र मंदाकिनी नदी के शांत जल में नाव पर बैठकर ‘सुंदरकांड’ का पाठ किया। नदी के बीच में गूंजते हनुमान चालीसा और सुंदरकांड के दोहे-चौपाई ने समूचे वातावरण को रामभक्ति से ओत-प्रोत कर दिया। इस पावन अनुष्ठान को सफल बनाने में छेदीलाल यादव, सीताराम, हुलेश्वर द्विवेदी, फ़ागुराम साहू, हीरालाल कर्ष, नंदू राठौर, दिनेश शुक्ला एवं संजय राठौर ने सक्रिय रूप से सहभागिता की। मंडल के सदस्यों ने बताया कि उनका उद्देश्य इन पावन स्थलों पर प्रभु श्री राम की कथा का प्रसार करना और समाज में धार्मिक चेतना जागृत करना है।
