रायपुर। भिलाई: कांग्रेस सेवा दल के दो पदाधिकारियों के बीच लंबे समय से चल रहा आपसी विवाद के बाद एक गुट ने दूसरे पर आपराधिक और सट्टा नेटवर्क को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। सेवा दल के प्रदेश सचिव राजेश गुप्ता और जिला महासचिव अनिल सिंह के बीच शुरू हुआ यह व्यक्तिगत मतभेद अब पुलिस जांच, हिंसक मारपीट, ऑनलाइन सट्टा ऐप और संगठनात्मक अनुशासनहीनता के मुद्दे में तब्दील हो चुका है। इस पूरे मामले में कुख्यात महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप से जुड़े एक बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट का नाम आधिकारिक तौर पर सामने आने के बाद दुर्ग पुलिस प्रशासन ने भी अपनी मुस्तैदी बढ़ा दी है।
राजनैतिक सूत्रों के अनुसार, इन दोनों नेताओं के बीच पूर्व में संबंध काफी मधुर थे और वे अक्सर जीई रोड स्थित चाय की दुकानों पर साथ बैठते थे। विवाद की शुरुआत तब हुई जब अनिल सिंह ने राजेश गुप्ता के साथ बैठना कम कर सुपेला स्थित कॉफी हाउस में दूसरे लोगों से मिलना शुरू कर दिया। इस बात को राजेश गुप्ता ने प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया। विवाद इतना बढ़ा कि पहले सुपेला कॉफी हाउस में और बाद में` मौर्या-चंद्रा टाकीज के पास स्थित रोटी-सोटी रेस्टोरेंट में दोनों पक्षों के बीच सार्वजनिक रूप से तीखी बहस, गाली-गलौज और गंभीर मारपीट की घटना हुई। सुपेला पुलिस ने इस मारपीट का सीसीटीवी फुटेज भी अपने कब्जे में ले लिया है।
इस सड़क की लड़ाई ने तब नया और खतरनाक मोड़ ले लिया जब पीड़ित जिला महासचिव अनिल सिंह ने दुर्ग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) विजय अग्रवाल को एक लिखित शिकायत पत्र सौंपा। इस शिकायती पत्र में अनिल सिंह ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि प्रदेश सचिव राजेश गुप्ता के पुत्र निशांत कुमार गुप्ता नागपुर (महाराष्ट्र) से संचालित होने वाले महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप की अवैध गतिविधियों में सक्रिय रूप से संलिप्त हैं।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने शुरुआती तकनीकी और वित्तीय कड़ियों की जांच की, जिसमें कुछ महत्वपूर्ण अंतरराज्यीय लिंक मिले हैं। इस सार्वजनिक विवाद से कांग्रेस संगठन की छवि पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस हाईकमान ने पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है और दोनों ही जिम्मेदार पदाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है।
