रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा
रीवा जिले के मऊगंज उप जेल से भ्रष्टाचार और अवैध वसूली का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जमानत पर रिहा हुए एक बंदी ने जेल के अंदर की कथित हकीकत उजागर करते हुए आरक्षक पर परिजनों से ऑनलाइन और नकद रकम लेने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले में प्रथम दृष्टया कार्रवाई करते हुए संबंधित सिपाही को निलंबित कर दिया गया है और विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
मऊगंज उप जेल में धांधली, जमानत पर छूटे बंदी ने खोली पोल
परिजनों से ऑनलाइन और नकद वसूली के आरोप, सिपाही सस्पेंड
रीवा। मऊगंज स्थित उप जेल से अवैध वसूली और बंदियों से मारपीट के आरोपों ने जेल प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है। लूट के प्रकरण में जेल भेजे गए और हाल ही में जमानत पर रिहा हुए अमरीश द्विवेदी ने जेल में पदस्थ आरक्षक प्रकाश सिंह बघेल पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
अमरीश का कहना है कि 16 दिसंबर 2025 को जेल पहुंचते ही उसे अन्य बंदियों के साथ अलग ले जाकर मारपीट की गई। इसके बाद उससे परिजनों के मोबाइल नंबर लेकर फोन कराया गया और पैसे भेजने का दबाव बनाया गया। आरोप है कि परिजनों से लगभग 20 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए तथा अलग-अलग मौकों पर नकद रकम भी ली गई। मुलाकात के दौरान भी पैसे मांगने की बात कही गई है।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित आरक्षक अन्य बंदियों से भी रकम लेकर उन्हें प्रतिबंधित सामग्री उपलब्ध कराता था। अमरीश ने अपने आरोपों के समर्थन में कुछ साक्ष्य होने का दावा किया है।
मामले को लेकर अमरीश द्विवेदी ने मऊगंज कलेक्टर और सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत सामने आने के बाद जेल प्रशासन हरकत में आया।
रीवा केंद्रीय जेल के अधीक्षक एस.के. उपाध्याय ने बताया कि मामले से जुड़ा एक वीडियो सामने आने के बाद आरक्षक प्रकाश सिंह बघेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की विभागीय जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच के दायरे में आने वाले अन्य लोगों पर भी कार्रवाई से इंकार नहीं किया गया है।
