पार्षद के नाम पर फर्जी दस्तावेज बनाने का खेल बेनकाब

Scheme to forge documents in the name of a councilor exposed.

रायपुर। आजाद चौक थाना पुलिस ने पार्षद के लेटरहेड और फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर सरकारी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में च्वाइस सेंटर संचालक को गिरफ्तार किया है। आरोपित की पहचान मंगल बाजार स्थित आर्यन च्वाइस सेंटर के संचालक विपिन केशरी (38) के रूप में हुई है।

वार्ड-37 के पार्षद दीपक जायसवाल ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके नाम के लेटरहेड और हस्ताक्षर का दुरुपयोग कर जन्म प्रमाण-पत्र, मृत्यु प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड सहित नगर निगम से जुड़े अन्य दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। आजाद चौक थाने में बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

आरोपी ने स्वीकार किया अपराध

जांच के दौरान पुलिस ने पूछताछ में आरोपित ने पार्षद के लेटरहेड और हस्ताक्षर का फर्जी इस्तेमाल कर दस्तावेज तैयार करना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपित से एक लैपटाप, कलर प्रिंटर और लेमिनेशन मशीन जब्त की है, जिनका उपयोग कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज बनाने में किया जा रहा था। पुलिस आरोपित से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि अब तक कितने फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं।

जांच का दायरा बढ़ाया

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस फर्जीवाड़े के तार कहां तक फैले हैं। क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल थे और आरोपी ने अब तक कितने अवैध प्रमाण-पत्र जारी किए हैं? बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर पुलिस गहन जांच कर रही है। यह घटना च्वाइस सेंटरों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती है।

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