पूजा स्थल विवाद पर सर्व समाज महासंघ का विरोध

Sarv Samaj Mahasangh opposes the dispute over the place of worship.

बालोद। राजधानी रायपुर के गुरु घासीदास संस्कृति भवन में छत्तीसगढ़िया सर्व समाज महासंघ की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस आयोजन में समाज के प्रमुख वरिष्ठ नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु डौंडीलोहारा विकासखंड के जामड़ीपाठ स्थित आदिवासी समाज के पवित्र पूजा स्थल पर कथित अवैध कब्जा रहा। इस मुद्दे को लेकर महासंघ के पदाधिकारियों में गहरा रोष दिखाई दिया।

सर्व आदिवासी समाज के नेता विनोद नागवंशी ने इस विषय को आदिवासी आस्था और संस्कृति के लिए गंभीर खतरा बताया। उन्होंने कहा कि आदिवासियों के पारंपरिक अधिकारों का हनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए महासंघ ने आगे की रणनीति तैयार करने के लिए एक 40 सदस्यीय समिति बनाने का निर्णय लिया है।

सामाजिक एकजुटता से अधिकारों की रक्षा

बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम ने कहा कि राज्य की विभिन्न सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए सरकार को ठोस पहल करनी चाहिए। उन्होंने सामाजिक एकजुटता को अधिकारों की रक्षा का सबसे प्रभावी माध्यम बताया। वहीं, पूर्व सांसद नंदकुमार साय ने आह्वान किया कि अन्याय के खिलाफ सभी वर्गों को एक मंच पर आकर संघर्ष करना होगा। पूर्व प्रशासनिक अधिकारी अकबर राम कोर्राम ने बस्तर में वनों की कटाई और बाहरी लोगों द्वारा किए जा रहे कथित कब्जों पर चिंता जताते हुए चेतावनी दी कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो इसके परिणाम भयावह हो सकते हैं।

बाजा बोड, ऊन बोर्ड, महुआ बोर्ड के गठन का प्रस्ताव

इस अवसर पर विभिन्न समाजों की मांगों को भी प्रमुखता से रखा गया। महासंघ ने सरकार के समक्ष गाड़ा समाज के लिए बाजा बोर्ड, अघरिया-पाल समाज के लिए भेड़ एवं ऊन संवर्धन बोर्ड, कलार समाज के लिए महुआ बोर्ड और शाकंभरी बोर्ड के गठन का प्रस्ताव रखने पर सहमति व्यक्त की। कार्यक्रम का संचालन महासंघ के अध्यक्ष रमेश यदु ने किया। इस दौरान पूर्व विधायक जनकलाल ठाकुर सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं सर्व समाज के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में सामाजिक समरसता और एकजुटता बनाए रखने का संकल्प लिया और आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए हर संभव समर्थन देने का वादा किया।

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