“सरपंच गुलशन बंजारे की प्रेरक यात्रा और शादी का उत्सव: झलरी गांव में खुशियों की बहार”

"Sarpanch Gulshan Banjare's inspiring journey and wedding celebrations: A wave of joy in Jhalari village"

जिला संवाददाता मुंगेली 

माखन सिंह 

लोरमी। ग्राम पंचायत झलरी के सरपंच गुलशन बंजारे की अनोखी कहानी, शादी को लेकर गांव में उत्साह का माहौल

झलरी। ग्राम पंचायत झलरी में इन दिनों खुशी और उत्साह का विशेष माहौल देखने को मिल रहा है। यहां के सरपंच गुलशन बंजारे का जीवन सफर जितना प्रेरणादायक है, उतना ही दिलचस्प भी।

गुलशन बंजारे ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव में ही पूरी की और आगे की पढ़ाई के लिए शहर का रुख किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद जहां अधिकांश युवा सरकारी नौकरी की ओर रुख करते हैं, वहीं गुलशन ने अलग रास्ता चुना। उन्होंने गांव लौटकर ग्राम पंचायत का नेतृत्व करने और गांव के विकास में योगदान देने का संकल्प लिया।

उनका सरल, सहज और मृदुल स्वभाव लोगों को काफी पसंद आया, जिसके चलते वे सरपंच पद के लिए चुने गए। सरपंच बनने के बाद उन्होंने गांव के विकास के लिए कई योजनाओं पर काम शुरू किया और लोगों का भरोसा जीता।

इस कहानी में एक दिलचस्प मोड़ भी है। गुलशन बंजारे ने पहले ही एक सपना देखा था कि वे सरपंच बनने के बाद ही शादी करेंगे। अब उनका यह सपना साकार होने जा रहा है।

शादी समारोह को लेकर तीन दिनों का कार्यक्रम तय किया गया है। 21 अप्रैल 2026 को चिलमाटी, 22 अप्रैल को अन्य वैवाहिक रस्में और 23 अप्रैल 2026 को बारात आगमन होगा। इस अवसर पर गांव में विशेष तैयारियां की जा रही हैं।

गुलशन बंजारे की जीवनसंगिनी के रूप में श्रीमती हेमलता बंजारे का आगमन होगा, जिनसे भी गांव के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

ग्राम पंचायत झलरी के लोग इस शादी को लेकर बेहद उत्साहित हैं और इसे एक यादगार आयोजन बनाने में जुटे हुए हैं। ग्रामीणों का मानना है कि यह विवाह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि गांव के विकास और उज्जवल भविष्य की नई शुरुआत का प्रतीक भी है।

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