लोकेश्वर सिन्हा गरियाबंद
गरियाबंद। गरियाबंद में एक बार फिर माइनिंग विभाग की कार्यवाही चर्चे में आ गया। विभाग ने 6 अक्टूबर को देवभोग में रेत से भरे एक ट्रैक्टर को जप्त कर थाने की सुपुर्द कर दिया था अब उसी को छुड़ाने पीएम आवास का हितग्राही भूख हड़ताल में बैठने की तैयारी कर रहा है। नगर पंचायत देवभोग के वार्ड क्रमांक 7 में रहने वाले सनत नागेश ने कलेक्टर के नाम एसडीएम दफ्तर में ज्ञापन सौंप 3 दिवस के भीतर ट्रैक्टर और रेत को छोड़ने की अपील किया है। ऐसा नहीं करने पर 10 अक्टूबर से भूख हड़ताल में बैठने की चेतावनी दे दिया है। पीड़ित ने दलील दिया है कि खदाने बंद है और आवास योजना के हितग्राहियों को रेत लाने की छूट दी गई है, इसलिए अपने रिश्तेदार के वाहन से पीड़ित ने रेत मंगवाया था, पर खनिज विभाग के कार्यवाही से उसे मानसिक और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
दरअसल 6 अक्टूबर को खोखसरा में सेवा सेतु कार्यक्रम में पहुंचे जिला माइनिंग अफसर ने वापसी के दरम्यान पीएम आवास हितग्राही के लिए आ रहे रेत को जप्त बना लिया।जबकि इसी शिविर में प्रभारी मंत्री ने पीएम आवास और हितग्राहियों को दी जाने वाली सुविधाओं का बखान कर सरकार का गुनगान किया था।
सदन से लेकर आला अफसर तक पीएम आवास हितग्राही के रेत को रॉयल्टी और कार्यवाही से दूर रखने के आदेश देते आ रहे है, ऐसे में खनिज विभाग के अफसरों के इस कार्यवाही पर कई सवाल खड़े हो गए है। मामले में जिला पंचायत सीईओ ने संज्ञान लेने की बात कही है।
