अफवाहों और पैनिक बाइंग के चलते पेट्रोल पंपों पर उमड़ी भारी भीड़

Rumours and panic buying led to huge crowds at petrol pumps.

रिपोर्टर लोकेश्वर सिन्हा 

लोकेशन गरियाबंद

गरियाबंद में पेट्रोल-डीजल का संकट अब तक शहर के सभी 5 पेट्रोल पंप हो गये है। अभी तक मात्र केवल दो ही पम्पो मे डीजल पेट्रोल मिल रहा है। अफवाहों और पैनिक बाइंग के चलते पेट्रोल पंपों पर उमड़ी भारी भीड़। सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात, रेट बढ़ने की आशंका और पेट्रोल डीजल की कमी की इस एक अफवाह ने गरियाबंद शहर को पेट्रोल-डीजल के लिए तरसा दिया है। गरियाबंद में हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि शहर के कुल 5 में से 3 पेट्रोल पंपों पर ईंधन पूरी तरह खत्म हो चुका है, जबकि बाकी बचे पेट्रोल पंपों पर महज कुछ ही समय का स्टॉक बचा है। दोपहर के बाद पूरा शहर पूरी तरह से ड्राई होने की कगार पर है इस संकट की सबसे बड़ी वजह है पैनिक बाइंग यानी डर के मारे जरूरत से ज्यादा खरीदारी कर रहे है लोग, कल शाम से ही पेट्रोल पंपों के बाहर गाड़ियों की लंबी लंबी कतारें देखी जा रही हैं। आलम यह है कि जिन गाड़ियों की टंकियां पहले से फुल हैं, वो लोग भी बची-खुची जगह को भरने के लिए लाइनों में खड़े हैं। स्थिति को संभालने के लिए पेट्रोल पंप संचालकों ने राशनिंग शुरू कर दी है। पहले कारों को डीजल 1 हजार और बाइकों को 1 सौ रुपये का पेट्रोल दिया जा रहा है, लेकिन भीड़ बढ़ती देख अब कारों को सिर्फ 5 सौ और बाइकों को महज सौ रुपये का ही ईंधन दिया जा रहा है। पम्प संचालक ने बताया कि सप्लाई में कोई दिक्कत नहीं है, यह सब पैनिक बाइंग की वजह से हुआ है। हमारे यहाँ रोजाना 18 हजार लीटर तेल आता था, जो आराम से 2 से 3 दिन चलता था। मगर कल शाम से लेकर आज सुबह तक पूरा 18 हजार लीटर पेट्रोल-डीजल खत्म हो चुका है। देर रात तक या शाम तक अगली खेप आने की उम्मीद है। आज शुक्रवार है, यानी गरियाबंद का साप्ताहिक बाजार का दिन है आसपास के ग्रामीण इलाकों से लोग यहाँ सब्जी और राशन खरीदने आते हैं, लेकिन इस किल्लत ने बाजार की रौनक पर भी ब्रेक लगाने की आशंका को गहरा दिया है। कल शाम तेल की बूंद-बूंद के लिए कई पेट्रोल पंपों पर झड़प और तीखी बहसबाजी देखने को मिली, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया। अब पेट्रोल पंपों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस के जवानों ने मोर्चा संभाल लिया है हालांकि पेट्रोल पंप संचालक दावा कर रहे हैं कि देर शाम या रात तक पेट्रोल-डीजल की नई खेप पहुँच जाएगी, लेकिन जिस रफ्तार से लोग पैनिक बाइंग कर रहे हैं, उसे देखते हुए यह कहना मुश्किल है कि आने वाला स्टॉक कितनी देर टिक पाएगा।

 

 

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