लोकेश्वर सिन्हा, गरियाबंद
गरियाबंद। गरियाबंद के पाण्डुका पंचायत में सप्ताह भर पहले बुलडोजर कार्यवाही हुई, दावा किया गया कि पंचायत के अधीन शासकीय भूमि पर निर्माण करने वाले सभी 17 अतिक्रमण कारियो पर कार्यवाही की गई।लेकिन अब इसकी सच्चाई सामने निकल कर आ रही है।कड़कड़ाती ठंड में आवास तोड़े जाने के बाद प्रभावित ग्रामीणों ने इसे पक्षपात पूर्ण कार्यवाही बता रहे। शुरू से ही कार्यवाही का विरोध करने वाली चंचल निर्मलकर ने कहा कि 17 अवैध निर्माण पर पंचायत ने कार्यवाही का ढिंढोरा पिटा, पर अपने परिवार के सदस्य और नजदीकी लोगों को छोड़ केवल 6 लोगों का आवास तोड़ा गया, आरोप यह भी है कि सरपंच के परिजन बिजली बिल बकाया अवैध आवास का लाभ ले रहे इसलिए सरपंच के खिलाफ धारा 40 के तहत कार्यवाही की मांग भी किया है। आहत ग्रामीण प्रशासन और पंचायत के सामने गिड़गिड़ाते रहे पर उनकी किसी ने नहीं सुनी। सच्चाई बताने कलेक्टोरेट तक पहुंचे पर उन्हें थाने में आरोपी की तरह बिठाए रखा गया। अब प्रभावित ग्रामीण निष्पक्ष कार्यवाही की मांग कर रहे हैं। जो नजायज कार्यवाही हुई है उस पर भी विचार करने की मांग पर अड़े हैं, ऐसा नहीं हुआ तो जल्द ही भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी भी दे रहे हैं। मामले सरपंच ने समय अभाव का हवाला देकर कार्यवाही जल्द पूर्ण करने की बात कह रही है।