रायपुर। रायपुर में कारोबारी से 8.50 लाख रुपए की साइबर ठगी हुई है। ठगों ने खुद को CBI और IPS अफसर बताकर कारोबारी को 44 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा। उन्होंने कारोबारी से कहा कि उसके नाम से ICICI बैंक में 6.80 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग हुई है।
ठगों ने जेल भेजने और परिवार को CBI से गिरफ्तार कराने की धमकी दी। इसके बाद अलग-अलग खातों में 8.50 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए। रकम जुटाने के लिए पीड़ित ने अपनी जमा-पूंजी के साथ सोने के जेवर भी बेच दिए। ठग हर घंटे वीडियो कॉल पर अपडेट देने के लिए कहते थे।
लगातार पैसों की मांग से परेशान होकर कारोबारी ने अपने छोटे भाई को पूरी बात बताई। इसके बाद मामले का खुलासा हुआ। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने रविवार को केस दर्ज किया है। इसके अलावा बैंक डिटेल्स भी खंगाली जा रही हैं। मामला खमतराई थाना क्षेत्र का है।
पढ़िए ठगी की पूरी कहानी…
जानकारी के मुताबिक, पीड़ित कारोबारी का नाम देवसिंह साहू (66) है। वे उरकुरा के बजरंग नगर के रहने वाले हैं और किराना दुकान चलाते हैं। 18 अगस्त को सुबह करीब 9 बजे उन्हें एक महिला का कॉल आया। महिला ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला बताते हुए आदित्य नाम के व्यक्ति से बात कराई।
आदित्य ने परिवार, जमीन और बैंक खातों से जुड़ी जानकारी ली। इसके बाद बलराज सिंह नाम के व्यक्ति ने खुद को CBI अधिकारी बताकर पूछताछ शुरू की। कुछ देर बाद वीडियो कॉल पर प्रदीप सिंह से बात कराई गई। उसने खुद को IPS अफसर बताया।
हर घंटे वीडियो कॉल पर अपडेट देने का दबाव
प्रदीप ने देवसिंह को बताया कि उनका नाम 6.80 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग में है। आरोपियों ने कहा कि रकम का मिलान करने के लिए उन्हें अपने खाते से पैसे जमा करने होंगे। ऐसा नहीं करने पर CBI की कार्रवाई करने और परिवार को गिरफ्तार करने की धमकी दी गई।
ठग हर घंटे वीडियो कॉल पर अपडेट देने के लिए कहते थे। देवसिंह और उनकी पत्नी इंदु साहू को भी लगातार वीडियो कॉल पर उनके सामने बैठे रहने के लिए कहा जाता था।
9 बार में अलग-अलग खातों में भेजे पैसे
4 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच देवसिंह ने फोन-पे के जरिए 9 बार रकम ट्रांसफर की। रिद्धिमा ऑटो और राकेश ट्रेडर्स के खातों में 2-2 लाख रुपए भेजे गए। इसके अलावा यूको बैंक के खाते में 1 लाख, कैपवाइज ट्रेडिंग टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड में 1 लाख, कोटक महिंद्रा बैंक में 50 हजार, गणेश भंडार में 1 लाख और सृजन लाइफ मैनेजमेंट के खाते में 1 लाख रुपए ट्रांसफर किए।
लगातार पैसों की मांग से परेशान होकर 3 अक्टूबर को देवसिंह ने अपने छोटे भाई सुंदर लाल साहू को पूरी बात बताई। भाई ने उन्हें साइबर ठगी के बारे में बताया। इसके बाद 4 अक्टूबर को उन्होंने खमतराई थाने में शिकायत की। पुलिस को बैंक स्टेटमेंट, चैट, मैसेज और ट्रांजेक्शन की रसीदें भी दी गई हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
