देवभोग @ देवीचरण ठाकुर। राज्य शासन द्वारा मवेशियों के सड़कों पर घूमने और बैठने से रोकने जगह-जगह गौठान बनाए गए हैं,लेकिन योजना की सही मॉनिटरिंग नहीं होने की वजह से मवेशीयां सड़को पर डेरा डाल रखे हैं। लाखों खर्च के बाद भी मवेशियों को गौठान तक ला पाने में जनप्रतिनिधि-अधिकारी विफल साबित हो रहे हैं। इसका नतीजा यह हो रहा है कि दिन हो या रात मवेशी सड़कों पर ही बैठे या घूमते नजर आते हैं।मवेशियों के सड़कों में बैठे रहने से यातायात तो बाधित होता ही है,साथ ही दुर्घटनाओं की आशंका हमेशा बनी रहती हैं। ऐसा ही नजारा देवभोग के मुख्य चौंक चौराहे व सड़को में भी नजर आता है। \
छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वपूर्ण योजना गोठान के रूप में गांव-गांव में बनाई गई कि आवारा पशु सड़कों पर विचरण ना करें,लोगों के फसल का नुकसान ना हो, राहगीर दुर्घटना का शिकार ना हो,लेकिन धरातल पर यह योजना कही सफल नहीं दिखाई दे रही है। जनपद पंचायत सीईओ प्रतीक प्रधान ने कहा कि मवेशियों को घरों में रखने या गोठानों में व्यवस्थित करने निर्देशित किया गया है। गांव-गांव में मुनादी कराने कहा गया है। अगर ऐसा है तो संबंधित ग्राम पंचायत को विशेष रूप से कहा गया हैं, कि मवेशी मालिकों को भी अपने मवेशियों को बांध कर रखें या गौठानो में रखे,रहा सवाल देवभोग नगर कि तो ग्राम पंचायत सचिव से ग्रामीण संपर्क कर कांजी हाउस में मवेशियों को रखवा सकते हैं।
भाजपा नेता ने अभियान को लेकर कसा तंज: भाजयुमो के जिलाध्यक्ष योगिराज माखन कश्यप ने रोका छेका अभियान को लेकर कहा कि भूपेश सरकार ने नरवा गुरवा धुरवा बाड़ी अंतर्गत योजना चलाई थी जो जमिनी स्तर पर विफल साबित हुआ हैं,आए दिन नगर के बीचों बीच मवेशियां सड़को पर घूमते या बैठे नजर आते हैं,ताजा साक्ष्य हमें देखने को मिलता जब हम देवभोग से रायपुर यात्रा करते हैं तो देवभोग नेशनल हाईवे से रायपुर तक मवेशियां सड़कों पर बैठे या घूमते मिलेंगे।जिससे यातायात व्यवस्था तो प्रभावित होता हैं साथ ही दुर्घटना का भी हमेशा आशंका बनी रहती हैं।
