रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा
रीवा। नशे के खिलाफ रीवा पुलिस अब और सख्त रुख अपनाने जा रही है। जिले को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य के साथ “ऑपरेशन प्रहार 2.0” को तेज़ कर दिया गया है। “Say No to Drugs” अभियान के तहत कोरेक्स, गांजा, स्मैक और ब्राउन शुगर जैसे नशे के अवैध व्यापार पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। लगातार छापेमारी की कार्रवाई जारी है और कई आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं।
इस बार कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी—
नशे के कारोबार से कमाई गई तस्करों की संपत्ति को भी जब्त (कुर्क) करने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
पुलिस स्रोतों के अनुसार, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम इन तस्करों की चल-अचल संपत्तियों के खात्मे की सूची तैयार कर चुकी है।
सबसे बड़ा संदेश अंदरूनी गंदगी पर प्रहार का
पुलिस अब अपने विभाग के उन कर्मचारियों पर भी कड़ी नजर रख रही है जो नशे के सौदागरों के संपर्क में पाए गए हैं। ऐसे कर्मचारियों की पहचान हो चुकी है और विभागीय कार्रवाई जल्द शुरू होगी।
रीवा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक गौरव राजपूत ने दो टूक कहा—
“नशे के कारोबार में संलिप्त कोई भी व्यक्ति बख्शा नहीं जाएगा। चाहे वह आम नागरिक हो या वर्दीधारी कर्मचारी। अपराध को बढ़ावा देने वाले पर कार्रवाई और भी कड़ी होगी।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया—
“ऑपरेशन प्रहार 2.0 कोई औपचारिक कार्रवाई नहीं, बल्कि सामाजिक अभियान है। इसका लक्ष्य युवाओं को नशे के अंधेरे से बाहर लाना और जिले को पूरी तरह नशामुक्त बनाना है।”
पुलिस की अपील:
अगर आपके आसपास नशे की खरीद-फरोख्त या सेवन की गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम या नजदीकी थाने को सूचित करें।
आपका एक फोन, कई जिंदगियों को बचा सकता है।
