मध्यप्रदेश
रीवा पुलिस का बड़ा खुलासा: 9 जालसाज रीवा और इंदौर से गिरफ्तार.. शेयर मार्केट में निवेश का झांसा देकर रिटायर्ड फौजी से 31 लाख से अधिक की ठगी
Rewa Police make a major disclosure: 9 fraudsters arrested from Rewa and Indore... A retired soldier was duped of over 31 lakh rupees by promising to invest in the stock market.

लोकेशन – रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा

रीवा। जिले की रीवा पुलिस ने चोरहटा थाना क्षेत्र में सक्रिय एक बड़े जालसाज गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में रीवा और इंदौर से कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से नोट गिनने की 3 मशीनें (2 बड़ी, 1 छोटी), करीब 51 हजार 300 रुपये नगद, 15 लाख रुपये कीमत की एक कार, 1 लाख रुपये की स्कूटी तथा 14 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।पकड़े गए आरोपियों में 5 गुजरात के मूल निवासी हैं, जबकि 4 इंदौर के रहने वाले बताए जा रहे हैं। गिरोह शेयर मार्केट में निवेश का लालच देकर लोगों को ठगी का शिकार बनाता था।
रिटायर्ड आर्मी जवान से की लाखों की ठगी
मामले का खुलासा तब हुआ जब बहुरीबांध निवासी रिटायर्ड आर्मी जवान कौशल प्रसाद तिवारी ने चौराहटा थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार “Wyden Algotrader” नामक कंपनी से जुड़े व्यक्ति ने फोन कर शेयर
मार्केट में निवेश का झांसा दिया। आरोप है कि जालसाजों ने अलग-अलग बैंक खातों में लगभग 21 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए और अगस्त 2025 में 10 लाख रुपये नगद भी ले लिए। कुल मिलाकर 31 लाख 36 हजार 478 रुपये की ठगी की गई।
ऐसे हुआ ठगी का एहसास
फरियादी को शुरुआत में लगा कि वह निवेश कर रहे हैं और उन्हें मुनाफे के साथ रकम वापस मिलेगी। लेकिन जब उन्होंने अपनी राशि वापस मांगी तो आरोपियों ने प्रोसेसिंग फीस के नाम पर टालमटोल शुरू कर दी। हाल ही में 13 लाख 30 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग की गई, जिसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
साइबर टीम की संयुक्त कार्रवाई
शिकायत मिलते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चोरहटा थाना और साइबर सेल की दो टीमों का गठन किया गया। साइबर ट्रैकिंग के आधार पर रीवा और इंदौर में दबिश देकर सभी 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस संबंधित बैंकों से पत्राचार कर डिजिटल लेन-देन की राशि रिकवर करने की प्रक्रिया में जुटी है। साथ ही “Wyden Algotrader” कंपनी के पंजीकरण की भी जांच की जा रही है।
गिरोह की लंबी चेन होने की आशंका
थाना प्रभारी आशीष मिश्रा के अनुसार, यह एक बड़ा स्कैम है और गिरोह की लंबी चेन होने की संभावना है। पुलिस आगे की जांच में जुटी है और अन्य आरोपियों के शामिल होने की भी आशंका जताई जा रही है।



