रीवा से सुभाष मिश्रा की रिपोर्ट
रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा का एक बार फिर विवादित बयान सामने आया है। इस बार उन्होंने मध्य प्रदेश के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और कांग्रेस के दिग्गज नेता स्वर्गीय श्रीनिवास तिवारी पर फर्जी वोटिंग का आरोप जड़ दिया। सांसद का कहना है कि “तिवारी के जमाने में एक कमरे में 1000 वोट और गिनती में 1100 वोट निकलते थे”।
बयान सामने आते ही विंध्य की राजनीति में बवाल मच गया। खास बात यह है कि जिन श्रीनिवास तिवारी पर सांसद ने आरोप लगाए, उनके पोते सिद्धार्थ तिवारी खुद बीजेपी विधायक हैं। सिद्धार्थ पहले भी दादा पर की गई टिप्पणी को लेकर सांसद से नाराज़गी जता चुके हैं और पार्टी फोरम तक शिकायत कर चुके हैं।
दरअसल, यह पहला मौका नहीं है जब सांसद ने श्रीनिवास तिवारी को निशाने पर लिया हो। 2024 में रीवा ओवरब्रिज लोकार्पण के दौरान भी उन्होंने कहा था कि “तिवारी के जमाने में सड़कें गड्ढों में होती थीं और लोग उन्हें देवता मानते थे।” तब भी सिद्धार्थ तिवारी ने कड़ा विरोध जताया था और कहा था — “अगर समस्या है तो मुझसे कहिए, दादा का नाम घसीटना बंद कीजिए।”
स्व. श्रीनिवास तिवारी कांग्रेस के बड़े नेता थे और 1993 से 2003 तक लगातार विधानसभा अध्यक्ष रहे। उनकी सियासी विरासत अब पोते सिद्धार्थ तिवारी के हाथ में है, जिन्होंने 2023 चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर बीजेपी ज्वॉइन की और त्योंथर सीट से विधायक बने।
इस बयान पर अब कांग्रेस ने भी पलटवार किया है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा — “रीवा सांसद खुद कह रहे हैं कि 1000 वोट पड़े, 1100 निकले। बीजेपी सांसद का बयान ही बता रहा है कि असली धांधली कहां होती है।”
रीवा से भोपाल तक अब इस बयान ने नया सियासी भूचाल ला दिया है।
