रायपुर की यादें ताजा कर शैफाली ने साझा किया अनुभव

Reliving memories of Raipur, Shefali shares her experience

रायपुर। भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीम के बीच आज शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में पहली बार बाइलेटरल (द्विपक्षीय) सीरीज शुरू होगी। मुकाबले से पहले भारतीय टीम की उपकप्तान शैफाली वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में टीम की तैयारी, अपनी वापसी, फिटनेस, बल्लेबाजी और उपकप्तान की जिम्मेदारी पर बात की।

उन्होंने कहा कि टीम का फोकस निडर होकर क्रिकेट खेलने और समझदारी से फैसले लेने पर है। इसे लेकर टीम में बैठकें भी हुई हैं। सभी खिलाड़ियों को अपनी भूमिका पता है। शैफाली ने बताया कि वह पहले भी छत्तीसगढ़ में खेल चुकी हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर ने महिला क्रिकेट को नई पहचान दी है।

2025 में तीन चीजों पर किया काम, अब मिल रहा फायदा

उपकप्तान शैफाली ने बताया कि टीम से बाहर रहने के दौरान उन्होंने अपनी कमियों को समझने के लिए अपने खेल का एनालिसिस किया। इस दौरान उनका फोकस लगातार, फिटनेस और मानसिक मजबूती पर रहा।

उन्होंने कहा कि 2025 में इन तीनों चीजों पर मेहनत की, जिसका फायदा अब प्रदर्शन में दिख रहा है। वह हर दिन कुछ नया सीखने और अपने खेल में निरंतरता बनाए रखने की कोशिश कर रही हैं।

2021 से हरियाणा के लिए कर रही हूं गेंदबाजी

शैफाली ने कहा कि गेंदबाजी उनके लिए नई बात नहीं है। वह 2021 से हरियाणा की टीम के लिए गेंदबाजी कर रही हैं। तभी से उन्होंने खुद को इस तरह तैयार करना शुरू कर दिया था कि भारतीय टीम के लिए गेंदबाजी का मौका मिलने पर वह मानसिक रूप से तैयार रहें।

उपकप्तान का पद नहीं, बड़ी जिम्मेदारी है

शैफाली ने कहा कि वह अंडर-19 वर्ल्ड कप में कप्तानी कर चुकी हैं, इसलिए उन्हें नेतृत्व का अनुभव है। उनके मुताबिक, उपकप्तान होना सिर्फ एक पद नहीं, बल्कि बड़ी जिम्मेदारी है।

उन्हें टीम के हर खिलाड़ी का ध्यान रखने, उसे सहज महसूस कराने और कप्तान की मदद करने की जिम्मेदारी निभानी है, ताकि सभी खिलाड़ी अच्छे मानसिक माहौल में खेल सकें।

हरमनप्रीत ने महिला क्रिकेट को आगे बढ़ाया

पूर्व भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर की तारीफ करते हुए शैफाली ने कहा कि महिला क्रिकेट को आज इस मुकाम तक पहुंचाने में उनका बड़ा योगदान है। उन्होंने बताया कि टीम टी-20 में निडर होकर खेलने के साथ समझदारी से फैसले लेने पर भी जोर दे रही है।

टीम का लक्ष्य चैंपियंस ट्रॉफी तक खेलने के इस अंदाज को और बेहतर करना है।

बल्लेबाजी और लक्ष्य का पीछा करने की तैयारी

शैफाली ने कहा कि टीम हर मैच में अलग-अलग परिस्थितियों के लिए खुद को तैयार कर रही है। टीम पहले बल्लेबाजी करने के साथ लक्ष्य का पीछा करने की स्थिति में भी खुद को परखना चाहती है।

उन्होंने कहा कि टीम हर मुकाबले से कुछ नया सीखने और अपनी गलतियों को सुधारने की कोशिश कर रही है।

नेट प्रैक्टिस में मैच जैसे हालात बनाती हूं

शैफाली ने अपनी बल्लेबाजी की तैयारी पर कहा कि विरोधी टीमें उनके खिलाफ पूरी तैयारी से उतरती हैं। इसलिए वह नेट प्रैक्टिस में अलग-अलग परिस्थितियों में बल्लेबाजी का अभ्यास करती हैं। अगर किसी दिन छक्के लगाने में परेशानी होती है, तो वह जमीन पर शॉट खेलने का अभ्यास करती हैं।

उन्होंने बताया कि 2025 में शॉर्ट बॉल खेलने, स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ बैकफुट पंच और पुल शॉट पर भी काम किया है। इसका फायदा अब उनके खेल में दिख रहा है।

छत्तीसगढ़ में अच्छी सुविधाएं, यहां से जुड़ी हैं यादें

रायपुर में मिल रही सुविधाओं पर शैफाली ने संतोष जताया। उन्होंने कहा कि टीम के दो-तीन अभ्यास सत्र हो चुके हैं और सभी खिलाड़ियों को यहां अच्छा लग रहा है। वह पहले भी छत्तीसगढ़ में खेल चुकी हैं।

उन्होंने बताया कि सीनियर टीम के लिए उनका पहला राज्य स्तरीय डेब्यू भी यहीं हुआ था। शैफाली के मुताबिक, यहां की सुविधाएं और दर्शकों का प्यार खिलाड़ियों को अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करते हैं।

जेमिमा की वापसी का इंतजार, मिडिल ऑर्डर पर भी नजर

मिडिल ऑर्डर को लेकर शैफाली ने कहा कि जेमिमा रोड्रिग्स रिकवर कर रही हैं। एशिया कप और एशियन गेम्स के दौरान टीम को मिडिल ऑर्डर में अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला है। उन्होंने ऋचा घोष और हरमनप्रीत कौर की पारियों का जिक्र किया।

साथ ही निकी के प्रदर्शन से भी उम्मीद जताई। शैफाली ने कहा कि टीम अलग-अलग खिलाड़ियों को मौके देकर अपनी कमियों को पहचानने और उनमें सुधार करने की कोशिश करेगी।

दो बार ICC प्लेयर ऑफ द मंथ बनने से बढ़ा हौसला

शैफाली वर्मा ने दो बार ICC प्लेयर ऑफ द मंथ का अवॉर्ड जीतने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे अवॉर्ड मैदान के पीछे की गई मेहनत का एहसास कराते हैं। इससे गर्व महसूस होता है और आगे बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है।

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