रौली पंचायत बनी भ्रष्टाचार का गढ़! पंचायत भवन तक नहीं, कागजों में करोड़ों का विकास

Rauli Panchayat becomes a hotbed of corruption! No Panchayat building exists, yet crores in development are claimed on paper.

रीवा मप्र | रिपोर्टर सुभाष मिश्रा 

खेत तालाब, स्कूल भवन और विकास कार्यों में गड़बड़ी के आरोप; ग्रामीण बोले– शिकायतों के बाद भी अधिकारी नहीं पहुंचे जांच करने

रीवा जिले की जनपद पंचायत जवा अंतर्गत ग्राम पंचायत रौली पर ग्रामीणों ने गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित हैं, जबकि जमीनी स्तर पर हालात बिल्कुल अलग हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, आज तक ग्राम पंचायत भवन का निर्माण नहीं हो सका है। ऐसे में पंचायत के विकास की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। वहीं खेत तालाब निर्माण योजना में लाखों रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने कहा कि कई खेत तालाब अधूरे हैं, लेकिन उनकी पूरी राशि निकाल ली गई।

ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत के अधिकांश कार्य सरपंच के रिश्तेदारों के माध्यम से कराए जाते हैं। सचिव और सरपंच की मिलीभगत से विकास योजनाओं में भारी अनियमितताएं हुई हैं। स्कूल भवन निर्माण भी वर्षों से अधूरा पड़ा है।

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि पंचायत में नियमित ग्रामसभा तक नहीं होती। फर्जी प्रस्ताव तैयार कर अपने चहेतों के माध्यम से उन्हें पारित करा लिया जाता है। शासन की योजनाओं के तहत कागजों में खेत तालाब बन गए, लेकिन मौके पर उनका कोई अस्तित्व नहीं है। अधिकांश स्थानों पर न तो निर्माण कार्य हुआ और न ही योजना संबंधी सूचना बोर्ड लगाए गए।

एक और गंभीर आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग की जमीन से पत्थरों का अवैध उत्खनन किया जाता है, लेकिन उन पत्थरों का उपयोग शासकीय निर्माण कार्यों में नहीं किया जाता, बल्कि उन्हें बेच दिया जाता है।

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की, सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से भी मामला उठाया, लेकिन आज तक कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर जांच करने नहीं पहुंचा। उनका आरोप है कि अधिकारी केवल कार्यालयों में बैठकर कागजों के आधार पर कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत पूरी तरह अलग है।

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