दुष्कर्म आरोपी ने जेल में दी जान, जांच शुरू

Rape accused commits suicide in jail, investigation begins

जांजगीर-चांपा। जिला जेल खोखरा में मंगलवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक विचाराधीन बंदी का शव जेल परिसर के बाथरूम में फंदे से लटका हुआ मिला। मृतक की पहचान कोरबा जिले के बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जवाली निवासी दुवास राम केवट के रूप में हुई है। उसे नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार कर सोमवार को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया था। घटना के बाद पुलिस और जेल प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार बलौदा थाना क्षेत्र में 5 मार्च 2026 को एक नाबालिग बालिका अचानक घर से लापता हो गई थी। स्वजन ने उसकी गुमशुदगी की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ बहला-फुसलाकर भगाने का अपराध दर्ज कर जांच प्रारंभ की थी।

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने साइबर तकनीक और अन्य माध्यमों का सहारा लिया। इसके बाद बालिका को कोरबा जिले से बरामद किया गया। पूछताछ और जांच में दुवास राम केवट का नाम सामने आया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसके खिलाफ अपहरण और दुष्कर्म से संबंधित साक्ष्य मिले। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तारी के बाद आरोपित को न्यायालय में पेश किया गया। अदालत के आदेश पर उसे न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल खोखरा भेज दिया गया था। सोमवार को ही उसकी जेल में एंट्री हुई थी।

मंगलवार सुबह जेल परिसर के बाथरूम में उसका शव कपड़े के फंदे से लटका मिला। घटना सामने आते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। इसकी सूचना तुरंत पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई। सूचना मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।

घटना के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। कोतवाली थाना प्रभारी जेपी गुप्ता ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल आत्महत्या के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि जेल परिसर के भीतर यह घटना किन परिस्थितियों में हुई। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र में किसी प्रकार की लापरवाही या चूक हुई है या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।

जेल के भीतर हुई इस घटना के बाद सुरक्षा प्रबंधन और बंदियों की निगरानी प्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। एक विचाराधीन बंदी की ओर से जेल परिसर में फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने की घटना ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।

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