रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल लेवी घोटाले में गिरफ्तार कांग्रेस के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल पर जांच एजेंसी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) का दावा है कि पार्टी फंड के नाम पर करीब 800 करोड़ रुपए जुटाए गए।
एजेंसी का यह भी दावा है कि इस फंड की एंट्री और उसका मैनेजमेंट रामगोपाल अग्रवाल के जरिए किया जाता था। EOW के मुताबिक, यह रकम बोरी और कार्टन में भरकर कांग्रेस भवन लाई जाती थी, जिसके बाद हवाला नेटवर्क के जरिए दिल्ली भेजी जाती थी।
जांच में यह भी सामने आया कि रायपुर छोड़ने के बाद वे ओडिशा, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना समेत 8 राज्यों में रहे। इस दौरान उन्होंने पुरी, वाराणसी और प्रयागराज जैसे धार्मिक स्थलों पर दर्शन किए और विशेष पूजा भी कराई।
कांग्रेस भवन पहुंचती थी कथित घोटाले की रकम
EOW ने कोर्ट में पेश दस्तावेजों में दावा किया है कि कांग्रेस के अकाउंटेंट और रामगोपाल अग्रवाल के निजी सहायक देवेंद्र डड़सेना ने अपने बयान में कहा कि कथित कोल लेवी घोटाले की राशि कांग्रेस भवन पहुंचती थी। वहां से इस राशि का नियंत्रण रामगोपाल अग्रवाल के पास रहता था।
जांच एजेंसी के अनुसार, कोल लेवी से 52 करोड़ 62 लाख 20 हजार रुपए सीधे रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचे। EOW का दावा है कि इस रकम को लेने, संभालने और इस्तेमाल करने का काम रामगोपाल अग्रवाल ने किया।
कारोबारियों ने पैसा देने की बात बयान में स्वीकारी
जांच एजेंसी के अनुसार, भिलाई के कारोबारी लक्ष्मीनारायण बंसल उर्फ पप्पू ने बयान में कहा कि दीपेन चावड़ा के माध्यम से करीब 800 करोड़ रुपए कांग्रेस भवन भेजे गए। वहीं, निखिल चंद्राकर ने भी अपने बयान में कोल लेवी की रकम रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचने की बात स्वीकार की है।
8 राज्यों में रहे, मंदिरों में कराई पूजा
शुरुआती पूछताछ में रामगोपाल अग्रवाल ने बताया कि रायपुर छोड़ने के बाद वे ओडिशा, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, राजस्थान, मध्यप्रदेश और दिल्ली समेत 8 राज्यों में रहे।
इस दौरान उन्होंने पुरी, वाराणसी और प्रयागराज जैसे धार्मिक स्थलों पर दर्शन किए और विशेष पूजा भी कराई। जांच एजेंसी का कहना है कि फरारी के दौरान भी वे परिवार, कुछ नेताओं और कारोबारियों के संपर्क में बने रहे।
आयकर छापे से खुला मामला
EOW के मुताबिक, 30 जून 2022 को कोल कारोबारी सूर्यकांत तिवारी और उसके सिंडिकेट पर आयकर विभाग की छापेमारी में बरामद डायरी और दस्तावेजों से अवैध कोल लेवी के लेन-देन का खुलासा हुआ था।
इन्हीं दस्तावेजों में रामगोपाल अग्रवाल का नाम सामने आया। बाद में ED की रिपोर्ट के आधार पर EOW ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। हालांकि, 8 जुलाई 2026 उन्होंने सरेंडर कर दिया। 9 जुलाई को उन्हें स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया।
17 जुलाई तक रिमांड, आगे और गिरफ्तारी संभव
EOW ने 14 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन स्पेशल कोर्ट ने 9 दिन की रिमांड मंजूर कर ली। अब रामगोपाल अग्रवाल को 17 जुलाई को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा।
बताया जा रहा कि पूछताछ के बाद कस्टम मिलिंग, डीएमएफ और शराब घोटाले से जुड़े मामलों में भी उनकी गिरफ्तारी हो सकती है। वहीं, ED भी इस मामले में आगे अलग कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
