छत्तीसगढ़

कॉलेज कैंपस में रायपुर पुलिस का ‘संवाद से समाधान’ अभियान, सुरक्षा और जागरूकता पर खुली चर्चा

Raipur Police's 'Samvad Se Samadhan' campaign in college campus, open discussion on security and awareness

रायपुर/छत्तीसगढ़। रायपुर पुलिस ने महंत लक्ष्मीनारायण कॉलेज में ‘संवाद से समाधान’ अभियान के तहत छात्रों और शिक्षकों से सीधा संवाद किया। कार्यक्रम में साइबर अपराध से बचाव, नशा मुक्ति, यातायात नियमों और सुरक्षा हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देकर युवाओं को जागरूक किया गया। पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान संवाद और सहभागिता से ही संभव है।

युवाओं से सीधे संवाद का उद्देश्य

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एडिशनल डीसीपी सेंट्रल जोन तारकेश्वर पटेल ने कहा कि ‘संवाद से समाधान’ अभियान का मुख्य मकसद युवाओं और आम जनता से सीधे जुड़कर उनकी समस्याओं को समझना और पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध, यातायात नियमों का उल्लंघन, महिला और बच्चों से जुड़े अपराधों को रोकने के लिए जागरूकता सबसे प्रभावी हथियार है। कॉलेज प्रबंधन, शिक्षक और छात्र इस प्रयास में पुलिस के अहम सहयोगी हैं।

साइबर अपराध से बचाव पर फोकस

एसीपी कोतवाली दीपक मिश्रा ने छात्रों को ओटीपी फ्रॉड, फर्जी केवाईसी अपडेट, ऑनलाइन लोन ऐप, सोशल मीडिया हैकिंग और फर्जी लिंक या कॉल जैसे साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने मजबूत पासवर्ड, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन, संदिग्ध लिंक से दूरी और निजी जानकारी साझा न करने जैसी सावधानियों पर जोर दिया। साथ ही साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत शिकायत दर्ज कराने और रायपुर पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को फॉलो करने की सलाह दी।

नशा मुक्ति और सड़क सुरक्षा का संदेश

थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सतीश सिंह गहरवार ने नशे के दुष्परिणामों पर बात करते हुए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की हेल्पलाइन 1933 की जानकारी दी और बताया कि नशे की अवैध बिक्री या तस्करी की सूचना पूरी गोपनीयता के साथ दी जा सकती है। वहीं ट्रैफिक शाखा के एएसआई टीके भोई ने सड़क दुर्घटनाओं के कारणों, यातायात नियमों के पालन और सुरक्षित ड्राइविंग के महत्व को सरल उदाहरणों के जरिए समझाया।

कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने सवाल पूछे और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सुझाव भी साझा किए। पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि ऐसे संवाद कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे, ताकि समाज और पुलिस के बीच भरोसे की मजबूत कड़ी बनी रहे।

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