कांग्रेस संगठन को धार देने चंपारण आएंगे राहुल गांधी, बूथ स्तर तक होगी तैयारी

Rahul Gandhi will visit Champaran to strengthen the Congress organization, preparations will be done till the booth level.

रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस अब संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की तैयारी में जुट गई है। इस बीच जून में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का छत्तीसगढ़ दौरा प्रस्तावित है। करीब ढाई साल बाद राहुल गांधी छत्तीसगढ़ आएंगे। इससे पहले उनका आखिरी दौरा सितंबर 2023 में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान हुआ था।

कांग्रेस का बड़ा प्रशिक्षण शिविर 21 जून से 30 जून तक आयोजित हो सकता है। रायपुर के चंपारण में शिविर लगाए जाने की चर्चा है। जिसमें छत्तीसगढ़ के साथ ही ओडिशा के जिला कांग्रेस अध्यक्ष भी शामिल होंगे। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रस्ताव भेज दिया है।

अब राहुल गांधी के कार्यालय से जवाब का इंतजार है। कांग्रेस संगठन इसे आगामी चुनावों की तैयारी और जमीनी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम कार्यक्रम मान रहा है।

41 नए जिलाध्यक्षों को मिलेगा प्रशिक्षण

हाल ही में नियुक्त किए गए 41 जिला कांग्रेस अध्यक्षों को इस शिविर में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। संगठन की कार्यप्रणाली, बूथ मैनेजमेंट, जनसंपर्क और चुनावी रणनीति पर वरिष्ठ नेता मार्गदर्शन देंगे। शिविर में राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के भी शामिल होने की संभावना है।

संगठन सृजन अभियान का हिस्सा है पूरा कार्यक्रम

जिला, ब्लॉक और मंडल स्तर पर नियुक्तियां और प्रशिक्षण कांग्रेस के “संगठन सृजन अभियान” का हिस्सा है। यह अभियान 2025-26 में पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए चलाया जा रहा है। कांग्रेस इसे गुजरात मॉडल पर आधारित संगठनात्मक पुनर्गठन बता रही है, जिसमें बूथ से लेकर जिला स्तर तक सक्रिय कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देकर जवाबदेही तय करने पर फोकस रहेगा।

इसी अभियान के तहत 10 फरवरी 2026 को दिल्ली में छत्तीसगढ़ समेत जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, झारखंड, ओडिशा और तमिलनाडु सहित कई राज्यों के नवनियुक्त जिलाध्यक्षों का राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। यह कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता और राहुल गांधी के नेतृत्व में हुआ था।

अब दूसरे चरण में अलग-अलग राज्यों में 10-10 दिन के प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित शिविर को भी इसी अभियान का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

कांग्रेस की रणनीति क्या है?

बूथ से प्रदेश स्तर तक संगठन को फिर से सक्रिय करना
जमीनी कार्यकर्ताओं को नेतृत्व में लाना
पर्यवेक्षकों के जरिए रायशुमारी कर पदाधिकारियों की नियुक्ति
15 दिन में जिला, 30 दिन में ब्लॉक और 60 दिन में मंडल-बूथ समितियां बनाना
एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग को ज्यादा प्रतिनिधित्व देना
कांग्रेस इस अभियान को बिहार, छत्तीसगढ़, यूपी, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, गोवा, नागालैंड और मणिपुर जैसे राज्यों में तेजी से आगे बढ़ा रही है।

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