मध्यप्रदेश
सरकारी तालाब पर कब्जे की होड़, 20 एकड़ जमीन पर पक्के मकान; शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं
Race to occupy government pond, permanent houses built on 20 acres of land; no action taken despite complaints

रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा

रीवा। जिले की जवा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत अतरैला के पूछीं तालाब में इन दिनों अवैध कब्जे और निर्माण की होड़ मची हुई है। आरोप है कि सैकड़ों लोगों द्वारा सरकारी तालाब की जमीन पर कब्जा कर पक्के मकान तक बना लिए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि तालाब का कुल रकबा करीब 20.22 एकड़ है, लेकिन इसका बड़ा हिस्सा दबंगों द्वारा कब्जा कर लिया गया है।
ग्रामीणों के अनुसार तालाब की मेड़ और आसपास की जमीन पर अवैध निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इतना ही नहीं, कुछ लोगों ने पक्के मकान बनाकर उसमें किरायेदारों को भी बसाना शुरू कर दिया है और इससे आर्थिक लाभ उठाया जा रहा है।
लोगों का आरोप है कि जब गरीब लोग छोटी-मोटी झोपड़ी या कब्जा करने की कोशिश करते हैं तो शासन-प्रशासन तुरंत कार्रवाई करता है, लेकिन दबंगों द्वारा किए जा रहे बड़े पैमाने पर अतिक्रमण पर प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में कई बार तहसीलदार और एसडीएम को लिखित आवेदन भी दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि तालाब की मेड़ तक पर पक्के निर्माण कर दिए गए हैं, जिससे तालाब का स्वरूप भी प्रभावित हो रहा है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद क्या प्रशासन सरकारी तालाब को अतिक्रमण से मुक्त करा पाएगा या फिर अवैध कब्जों का सिलसिला यूं ही चलता रहेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर तालाब की जमीन को मुक्त कराने की मांग की है।



