गरियाबंद। गरियाबंद उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के 17 गांवों के स्वैच्छिक विस्थापन को लेकर कलेक्टर परिसर में जिला स्तरीय बैठक हुई। कलेक्टर रणबीर शर्मा, उपनिदेशक वरुण जैन सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी और ग्रामीण मौजूद रहे। देवझर-अमली (दोनों एक ही गांव का नाम है) और जुगाड़ के ग्रामीणों ने विस्थापन के लिए सहमति जताई। इच्छुक परिवारों का 45 दिनों में सत्यापन, दावा-आपत्ति और नई भूमि के चिन्हांकन की प्रक्रिया पर चर्चा हुई। पुनर्वास स्थल पर सड़क, बिजली, स्कूल, पेयजल, स्वास्थ्य केंद्र और आंगनबाड़ी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। बारनवापारा के पूर्व विस्थापन का उदाहरण भी रखा गया। ग्रामीणों को प्रति यूनिट (एक परिवार में पति-पत्नी सहित चार बच्चे हैं तो पति-पत्नी का एक यूनिट और चारों बालिग बच्चों के चार यूनिट यानी कुल पांच यूनिट एक परिवार को मिलेगा)
15 लाख रुपये या 5 एकड़ जमीन या दोनों मिलाकर का प्रावधान बताया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि योजना पूरी तरह स्वैच्छिक है और किसी पर दबाव नहीं बनाया जाएगा।
