प्रीति पवार और जैस्मिन लंबोरिया बनीं गोल्डन गर्ल्स
Preeti Pawar and Jasmine Lamboria become golden girls.

नई दिल्ली । कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार का दिन भारतीय मुक्केबाजी के लिए बेहद खास रहा। भारतीय मुक्केबाज प्रीति पवार और जैस्मिन लैंबोरिया ने अपने दमदार प्रदर्शन से पूरे स्टेडियम का माहौल जोश से भर दिया। भारत को बॉक्सिंग में ऐतिहासिक सफलता की उम्मीद थी, और इन दोनों स्टार खिलाड़ियों ने महज कुछ ही मिनटों के अंतराल में दो शानदार गोल्ड मेडल जीतकर इस सपने को साकार कर दिखाया।
जीत के इस सिलसिले की शुरुआत 24 वर्षीय प्रीति पवार ने की। महिलाओं के 54 किग्रा भारवर्ग के फाइनल मुकाबले में उनका सामना कनाडा की मजबूत मुक्केबाज स्कारलेट सावना डेलगाडो से था। नीली पोशाक में रिंग में उतरीं प्रीति पर शुरुआत में डेलगाडो ने आक्रामक प्रहार किए। लेकिन प्रीति ने बिना विचलित हुए एक जोरदार बैकहैंड पंच से पलटवार किया और मैच का रुख पूरी तरह अपनी ओर मोड़ लिया। अपनी गजब की एकाग्रता के बदौलत प्रीति ने शुरुआती दो दौर में सभी पांचों जजों से पूरे 10-10 अंक हासिल कर दबदबा बना लिया।
प्रीति ने 5-0 से अपने नाम किया मैच
अंतिम दौर में डेलगाडो ने वापसी की कोशिश करते हुए बॉडी शॉट्स लगाए, लेकिन एशियाई चैंपियन प्रीति ने अपने शानदार फुटवर्क से उनके हर हमले को नाकाम कर दिया। प्रीति ने यह मुकाबला 5-0 से अपने नाम कर 23वें राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को मुक्केबाजी का पहला गोल्ड मेडल दिलाया।
जैस्मिन ने 5-0 से जीता मैच
अभी जश्न की गूंज थमी भी नहीं थी कि जैस्मिन लंबोरिया महिलाओं के 57 किग्रा वर्ग के फाइनल मुकाबले में उतरीं। उनके सामने उत्तरी आयरलैंड की चार बार की कॉमनवेल्थ पदक विजेता मिकेला वॉल्श थीं। अनुभवी प्रतिद्वंद्वी के बावजूद जैस्मिन ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और वॉल्श को संभलने का मौका नहीं दिया। जैस्मिन ने 5-0 की एकतरफा जीत दर्ज करते हुए देश की झोली में एक और स्वर्ण पदक डाल दिया। प्रीति और जैस्मिन के इस स्वर्णिम पंच ने न केवल भारतीय प्रशंसकों का दिल जीता, बल्कि कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए एक नया इतिहास भी रच दिया।



