बिजली गुल, पानी बंद: नदी का गंदा पानी पीने को मजबूर आदिवासी परिवार..

Power cut, water cut: Tribal families forced to drink dirty river water.

रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा 

181 शिकायत बेअसर, प्यासे आदिवासियों ने कलेक्टर से लगाई गुहार, भीषण गर्मी में प्यासे आदिवासी: धुरकुच में एक माह से बिजली गुल, नदी का गंदा पानी पीने को मजबूर सैकड़ों परिवार.. दो किमी दूर नदी में गड्ढा खोदकर ला रहे पानी, हैंडपंप मोटर बंद होने से बढ़ा संकट.. पार्षद आसमा आदिवासी ने नगर परिषद डभौरा पर लगाए गंभीर…

रीवा जिले के सिरमौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नगर परिषद डभौरा के वार्ड क्रमांक 7 स्थित धुरकुच गांव में भीषण गर्मी के बीच बिजली और पानी का गहरा संकट सामने आया है। गांव के सैकड़ों आदिवासी परिवार पिछले एक महीने से बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली न होने से हैंडपंपों की मोटर बंद पड़ी है, जिससे पेयजल व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। हालात इतने खराब हैं कि ग्रामीणों को करीब 2 किलोमीटर दूर नदी तक जाना पड़ रहा है, जहां वे गड्ढा खोदकर गंदा पानी निकालने को मजबूर हैं। इसी पानी से परिवार अपनी प्यास बुझा रहे हैं।

स्थानीय पार्षद आसमा आदिवासी ने नगर परिषद डभौरा और संबंधित अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि 181 पर शिकायत दर्ज कराने के बाद भी अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। वहीं नगर परिषद पर अनियमित रूप से पानी के टैंकर भेजने के आरोप भी लगाए गए हैं।

 

भीषण गर्मी में पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों ने अब कलेक्टर रीवा से तत्काल हस्तक्षेप कर बिजली बहाल कराने और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है।

 

एक तरफ सरकार आदिवासी क्षेत्रों के विकास के दावे कर रही है, वहीं धुरकुच गांव की तस्वीर उन दावों की हकीकत बयां कर रही है।

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