घोर नक्सली क्षेत्र में हो रहा गुणवत्ताहीन सड़क निर्माण कार्य

रिपोर्टर : किशोर कुमार रामटेके

किरंदुल। दंतेवाड़ा जिले के घोर नक्सली क्षेत्र कुंवाकोंडा ब्लॉक मड़कामीरास से दोकापार्रा ग्रामपंचायत में तीन दिन पहले से सड़क डामरीकरण निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ है। यह क्षेत्र पूरी तरह से घोर नक्सली क्षेत्र कहलाता है।

इस क्षेत्र में 2 साल पहले सीआरपीएफ कैंप स्थापित किया गया उसके बाद से इस क्षेत्र में थोड़ा सा नक्सलियों की गतिविधियां कम देखी जाती है, उससे पहले इस क्षेत्र में सिर्फ नक्सलियों का बोलबाला हुआ करता था, अब डामर सड़क का निर्माण किया जा रहा है।

इस सड़क के निर्माण को देख कर ही समझा जा सकता है, कि कहीं पर आधा इंच भी डामर नहीं लगा है, कहीं पर नीचे की मिट्टी पूरी तरह से दिख रही है
और आज इस निर्माण कार्य में लगे 10 चक्का वाहन जब उस सड़क से गुजरी तो रोड पर लगा डामर पूरी तरह से उखाड़कर नीचे की मिट्टी साफ-साफ देखने लगी। इस से साफ समझ जा सकता है कि इस सड़क का निर्माण कितना गुणकता पूर्वक हो रहा होगा।

ऐसे बीहड़ो में जब किसी प्रकार का रोड निर्माण होता है तो पुलिस के जवान सीआरपीएफ के जवान एसटीएफ के जवान इस रोड को बनाने में अपनी पूरी सुरक्षा देते हैं। कई बार तो ऐसे रोड निर्माण में हमले भी हुए हैं और कई जवानों ने अपनी शहादत दी है।

ऐसे में इस तरह गुणवत्ताहीन सड़कों का निर्माण कर जवानों के जान से खेलना कहां तक उचित है, जब देश के जवान ऐसे दुर्गम जगह पर जाकर अपनी जान जोखिम में डालकर ऐसे सड़कों का निर्माण करवाते हैं और कुछ ठेकेदार अपने निजी लाभ के लिए इस तरह गुणवत्ता हिन् सड़कों का निर्माण करते हैं।

हमने जब चल रहे रोलर चालक से इसकी जानकारी मांगी तो उनका कहना है कि यह सड़क 5 साल के लिए वारंटी पर है और इस सड़क को 5 साल तक कुछ भी नहीं होगा। अब देखने वाली बात है कि यह सड़क कब तक ऐसे ही रहेगी, क्या सरकारी तंत्र इस सड़क निर्माण की गुणवत्ता जांच करेगी या यह सड़क ऐसे ही रहेगी।

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