छत्तीसगढ़

सेम्हरा पहाड़ में पुलिस-नक्सली मुठभेड़, नक्सली हथियार छोड़कर जंगल में भागे

Police-Naxalite encounter in Semhra mountain; Naxalites abandon their weapons and flee into the forest.

ई-30 टीम की सर्चिंग में बरामद हुई नक्सल सामग्री, पुलिस ने आत्मसमर्पण की अपील की

लोकेश्वर सिन्हा, गरियाबंद।

गरियाबंद जिले के मैनपुर थाना क्षेत्र में आज पुलिस और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। यह मुठभेड़ सेम्हरा पहाड़ के घने जंगलों में हुई, जहाँ नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर ई-30 और जिला पुलिस बल संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन पर निकले थे।

मुठभेड़ की पूरी घटना

पुलिस पार्टी जब सेम्हरा पहाड़ के जंगलों में गश्त कर रही थी, तभी सशस्त्र माओवादियों ने टीम को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी।

पुलिस बल ने भी तुरंत जवाबी कार्रवाई की और दोनों ओर से कुछ समय तक गोलीबारी होती रही।

पुलिस की सटीक और दबदबे वाली जवाबी फायरिंग से नक्सली घबरा गए और अपने सामान को मौके पर छोड़कर घने जंगलों की ओर भाग निकले।

मुठभेड़ के दौरान किसी भी जवान के हताहत होने की सूचना नहीं है।

ई-30 टीम की सर्चिंग में बरामदगी

घटना के बाद ई-30 कमांडो टीम और जिला पुलिस बल ने आसपास के क्षेत्र की सघन तलाशी ली।

सर्चिंग के दौरान मौके से नक्सलियों द्वारा छोड़ी गई बड़ी मात्रा में दैनिक उपयोग की सामग्री, नक्सली पिट्ठू बैग, वर्दी, बैनर, दवाइयां और नक्सल साहित्य बरामद किया गया है।

पुलिस का मानना है कि यह दल मैनपुर-सोनाबेड़ा और ओडिशा सीमा क्षेत्र में सक्रिय स्थानीय नक्सल संगठन से जुड़ा हुआ था, जो सुरक्षा बलों पर हमला करने की फिराक में था।

*गरियाबंद पुलिस अधीक्षक ने बताया कि* मैनपुर क्षेत्र में सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रहे हैं। माओवादियों की गतिविधियों पर पूरी नजर रखी जा रही है। हमारी प्राथमिकता इलाके के लोगों की सुरक्षा है। मुठभेड़ में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है और नक्सलियों की मौजूदगी के सुराग मिले हैं।

उन्होंने आगे कहा कि नक्सल विचारधारा छोड़कर जो भी आत्मसमर्पण करना चाहता है, उसका खुले दिल से स्वागत किया जाएगा। सरकार की पुनर्वास नीति के तहत उन्हें मुख्यधारा में शामिल किया जाएगा।

इलाके में बढ़ाई गई सर्चिंग

मुठभेड़ के बाद आसपास के जंगलों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

ई-30 टीम, जिला बल, DRG और STF संयुक्त रूप से इलाके की सर्चिंग में जुटे हुए हैं।

पुलिस को आशंका है कि नक्सली दल अब भी क्षेत्र में छोटे समूहों में छिपे हो सकते हैं।

स्थानीय लोगों से अपील

पुलिस प्रशासन ने क्षेत्र के ग्रामीणों से अपील की है कि वे नक्सलियों की किसी भी गतिविधि या संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

साथ ही लोगों से यह भी कहा गया है कि वे नक्सलियों के बहकावे में न आएं और सरकार द्वारा संचालित विकास योजनाओं का लाभ उठाएं।

*गरियाबंद में नक्सल विरोधी अभियान तेज*

पिछले कुछ महीनों में गरियाबंद जिला पुलिस द्वारा माओवादियों के खिलाफ लगातार सफल अभियान चलाए जा रहे हैं।

हाल ही में देवभोग और मैनपुर क्षेत्रों में कई नक्सल समर्थन तंत्रों को चिन्हित कर गिरफ्तार भी किया गया था।

सेम्हरा पहाड़ की यह मुठभेड़ एक बार फिर यह दर्शाती है कि गरियाबंद पुलिस अब पूरी तरह आक्रामक मोड में है।

 

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