रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा
रीवा – रीवा में सोशल मीडिया पर जातिगत, धार्मिक और भड़काऊ पोस्ट करने वालों की अब खैर नहीं। रीवा पुलिस ने ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। हाल ही में एक यूट्यूबर पर दर्ज हुए मामले के बाद सोशल मीडिया पर बढ़ती आपत्तिजनक टिप्पणियों और विवादित पोस्टों को देखते हुए पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। पुलिस का कहना है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर समाज में नफरत फैलाने या शांति व्यवस्था बिगाड़ने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी। साइबर सेल लगातार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नजर बनाए हुए है और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
थाना सिविल लाइन में एक यूट्यूबर के खिलाफ जातिगत टिप्पणी को लेकर आपराधिक मामला दर्ज होने के बाद सोशल मीडिया पर माहौल लगातार गर्माया हुआ है। विभिन्न वर्गों और समुदायों के बीच आपत्तिजनक टिप्पणियां और भड़काऊ पोस्ट साझा किए जाने की घटनाएं सामने आई हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए रीवा पुलिस ने विशेष एडवाइजरी जारी कर लोगों से संयम बरतने की अपील की है।
नगर पुलिस अधीक्षक डॉ. रितु उपाध्याय का कहना है कि संविधान सभी नागरिकों को समानता का अधिकार देता है। अपराधी की कोई जाति या धर्म नहीं होता और कानून की रक्षा करने वाली वर्दी भी किसी जाति विशेष की नहीं होती। ऐसे में जो भी व्यक्ति सोशल मीडिया के माध्यम से सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने या वैमनस्य फैलाने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के अनुसार कुछ बाहरी राज्यों के लोग भी सोशल मीडिया के जरिए रीवा और मध्यप्रदेश के नागरिकों को टैग कर भड़काऊ सामग्री प्रसारित कर रहे हैं। ऐसे मामलों पर साइबर सेल विशेष निगरानी रख रही है। पुलिस का दावा है कि डिजिटल माध्यम से नफरत फैलाने वाले आरोपियों को तकनीकी सहायता से ट्रैक कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी, चाहे वे देश के किसी भी हिस्से में मौजूद हों।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी जाति, धर्म या समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी न करें, न ही किसी भड़काऊ पोस्ट को शेयर या वायरल करें। यदि कोई व्यक्ति सोशल मीडिया पर माहौल खराब करने का प्रयास करता है तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि साइबर सेल की रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ तुरंत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल रीवा पुलिस सोशल मीडिया पर सक्रिय हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर बनाए हुए है। प्रशासन का उद्देश्य जिले में शांति, सौहार्द और कानून व्यवस्था को बनाए रखना है।
