छत्तीसगढ़

संयंत्र के निदेशक प्रभारी ने नववर्ष के साथ किया ‘सुरक्षा जागरूकता माह–2026’ का शुभारंभ

Plant Director-in-Charge inaugurated 'Safety Awareness Month-2026' along with New Year

सेल–भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी श्री चित्त रंजन महापात्र ने नववर्ष के प्रथम दिवस इस्पात भवन परिसर में सुरक्षा ध्वज फहराकर संयंत्र बिरादरी को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं तथा ‘सुरक्षा जागरूकता माह–2026’ का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं ठेका श्रमिकों से सुरक्षित कार्य संस्कृति को आत्मसात करने का आह्वान किया। इस अवसर पर निदेशक प्रभारी श्री चित्त रंजन महापात्र एवं कार्यपालक निदेशकों द्वारा सुरक्षा ऑडिट शेड्यूल वार्षिक कैलेंडर- 2026 का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर सुरक्षा ऑडिट शेड्यूल कैलेंडर में चित्रित सुरक्षा पोस्टरों के कलकारों से निदेशक प्रभारी और संयंत्र के वरिष्ठ अधिकारीयों ने भेंट एवं उनके कार्य की सराहना की। उल्लेखनीय है कि संयंत्र में प्रतिवर्ष जनवरी माह को सुरक्षा जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है।


ध्वजारोहण के पश्चात कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को महाप्रबंधक (सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग) श्री एस. सुनोव द्वारा सुरक्षा शपथ दिलवाई गई, जिसमें सभी उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सुरक्षित कार्य प्रणाली अपनाने, दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा सुरक्षा नियमों के पालन हेतु संकल्प लिया।


इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) श्री अजय कुमार चक्रवर्ती, कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) श्री प्रवीण निगम, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार, कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं) श्री पी. के. सरकार, कार्यपालक निदेशक (संकार्य) श्री राकेश कुमार, कार्यपालक निदेशक (सीएमएलओ–माइन्स) श्री कमल भास्कर, कार्यपालक निदेशक (सीएमएलओ–रावघाट) श्री अरुण कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. विनीता द्विवेदी सहित संयंत्र के विभिन्न विभागों के मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी, मुख्य महाप्रबंधकगण, वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारीगण, विभिन्न श्रमिक संगठनों के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
संयंत्र के निदेशक प्रभारी श्री चित्त रंजन महापात्र ने अपने उद्बोधन में कहा कि संयंत्र के विभिन्न विभागों, इकाइयों एवं परियोजना क्षेत्रों में कार्यरत सभी नियमित एवं ठेका श्रमिकों की सुरक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में हम किसी भी कर्मी के जीवन की कीमत पर उत्पादन नहीं चाहते। हमारी सजगता, अनुशासन एवं सतर्कता ही संयंत्र की सुरक्षा का मूल मंत्र है। उन्होंने सभी विभागों में सुरक्षित कार्य प्रणाली के प्रोटोकॉल का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने कहा कि दुर्घटना मुक्त उत्पादन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमें “सुरक्षा संस्कृति – सुरक्षा आज, कल और अनवरत” के सिद्धांत को अपने दैनिक कार्य व्यवहार में आत्मसात करना होगा। ‘दुर्घटना रहित सुरक्षित कार्य संस्कृति’ हम सभी का साझा लक्ष्य है और सुरक्षा सदैव हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भिलाई बिरादरी सुरक्षा एवं स्वास्थ्य मानकों तथा दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन करते हुए दुर्घटना रहित उत्पादन के लक्ष्य को प्राप्त करने में शत-प्रतिशत सफल होगी।
कार्यक्रम का संचालन सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग के सहायक प्रबंधक श्री वेंकटपति राजू द्वारा किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन महाप्रबंधक (सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग) श्री राजेन्द्र कुमार द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर जानकारी दी गई कि सुरक्षा जागरूकता माह के अंतर्गत जनवरी माह में संयंत्र स्तर पर विभिन्न विभागों में अनेक सुरक्षा संबंधी कार्यक्रम, प्रशिक्षण एवं जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। माह के अंत में नेहरू आर्ट गैलरी, सिविक सेंटर, भिलाई में एक सुरक्षा सम्बंधित प्रदर्शनी का आयोजन भी प्रस्तावित है।
इसी कड़ी में कार्यपालक निदेशक (संकार्य) श्री राकेश कुमार ने मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (लौह) श्री तापस दासगुप्ता एवं वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में, संयंत्र भवन में सुरक्षा ध्वज फहराया। साथ ही उन्होंने सभी कर्मचारियों से सुरक्षित कार्य करने का आग्रह किया। इस दौरान उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा सुरक्षा शपथ भी ली गई।
इसके उपरांत सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग में मुख्य महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं अग्निशमन सेवाएँ) श्री डी. सतपथी द्वारा सुरक्षा ध्वज फहराया गया। इस अवसर पर उन्होंने संयंत्र बिरादरी को संबोधित करते हुए नववर्ष 2026 के लिए सुरक्षा संदेश दिया, जिसमें उन्होंने दुर्घटनाओं में कमी लाने पर विशेष जोर दिया तथा इसके लिए संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा निरीक्षण किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके साथ ही उन्होंने सभी से अपील की कि सुरक्षा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करें, ताकि संयंत्र में सुरक्षित एवं दुर्घटना-रहित कार्य वातावरण को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।

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