संयंत्र में “जीरो एक्सीडेंट, जीरो ब्रेकडाउन” विषय पर प्रदर्शन संवर्धन कार्यशाला आयोजित

Performance Enhancement Workshop on “Zero Accident, Zero Breakdown” organized at the Plant

सेल- भिलाई इस्पात संयंत्र के मानव संसाधन विकास केंद्र में विगत दिनों में “जीरो एक्सीडेंट, जीरो ब्रेकडाउन” विषय पर एक प्रदर्शन संवर्धन कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला की परिकल्पना मुख्य महाप्रबंधक (ओएचपी एवं एसपी–3) श्री संजीव वर्गीज द्वारा की गई थी।
कार्यशाला में ओर हैंडलिंग प्लांट (ओएचपी) के कार्यपालक, गैर-कार्यपालक तथा संविदा कर्मचारियों ने भाग लिया। इसके साथ ही सिंटर प्लांट–3 (एसपी–3) के कार्यपालकों की सहभागिता भी रही।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य व्यवहार आधारित सुरक्षा पद्धतियों को बढ़ावा देना तथा सुरक्षित कार्य व्यवहारों को सुदृढ़ कर एक मजबूत एवं स्थायी सुरक्षा संस्कृति का निर्माण करना रहा। कार्यक्रम में तकनीकी एवं सहभागितापूर्ण सत्रों में वरिष्ठ अधिकारियों एवं विषय विशेषज्ञों ने परिचालन एवं अनुरक्षण गतिविधियों में सुरक्षित कार्यप्रणालियों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।
इस अवसर पर पूर्व मुख्य महाप्रबंधक (सेफ्टी एवं फायर सर्विसेज) तथा वर्तमान में सेफ्टी स्किल डेवलपमेंट फाउंडेशन (एसएसडीएफ) की गवर्निंग काउंसिल के सदस्य श्री जी.पी. सिंह ने अपने व्यापक अनुभव साझा करते हुए प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। मुख्य महाप्रबंधक (बीआरएम) श्री योगेश शास्त्री ने ‘सर्वोत्तम परिचालन एवं अनुरक्षण पद्धतियों’ विषय पर एक विचारोत्तेजक एवं संवादात्मक सत्र संचालित किया। वहीं मुख्य महाप्रबंधक (ओएचपी एवं एसपी–3) श्री संजीव वर्गीज ने ‘ओनरशिप एवं 360 डिग्री सेफ्टी ऑब्जर्वेशन’ विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने समूह चर्चा, विचार-विमर्श एवं संचार अभ्यासों में सक्रिय भागीदारी करते हुए परिचालन एवं अनुरक्षण में सर्वोत्तम पद्धतियों को अपनाने जैसे विषयों पर चर्चा की। इन सत्रों में स्वामित्व की भावना, 360 डिग्री अवलोकन तथा सक्रिय सुरक्षा उपायों के माध्यम से दुर्घटनाओं एवं उपकरणों में खराबी की संभावनाओं को कम करने पर विशेष बल दिया गया।
प्रतिभागियों द्वारा कन्वेयर उत्पादकता बढ़ाने, उपकरणों में सुधार लाने तथा परिचालन दक्षता को सुदृढ़ करने से संबंधित व्यावहारिक रणनीतियों पर भी चर्चा की गई, जो ओर हैंडलिंग प्लांट के सुचारु संचालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
कार्यशाला के समापन पर प्रतिभागियों द्वारा अपने समूहों के माध्यम से कार्ययोजनाओं एवं प्रमुख सीखों की प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिकारियों ने कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता की सराहना करते हुए उन्हें कार्यस्थल पर इन सुझावों को लागू करने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम के सफल समन्वयन में महाप्रबंधक प्रभारी (एचआर- एल एंड डी) श्री संजीव श्रीवास्तव, महाप्रबंधक (एचआर- एल एंड डी) श्री मुकुल सहारिया तथा उप महाप्रबंधक (ओएचपी) श्री प्रशांत जैन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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