छत्तीसगढ़

56 करोड़ से अधिक का धान जब्त

Paddy worth over Rs 56 crore seized

रायपुर। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन व्यवस्था को पारदर्शी, निष्पक्ष और किसान केंद्रित बनाए रखने के लिए राज्य शासन ने अवैध धान परिवहन, भंडारण, विक्रय और मिलिंग अनियमितताओं के खिलाफ राज्यव्यापी सघन अभियान तेज कर दिया है।

बिलासपुर, महासमुंद और बलौदाबाजार-भाटापारा जिलों में धान जब्त कर कार्रवाई की गई है। महासमुंद जिले के रेहटीखोल क्षेत्र में ओडिशा से लाए जा रहे 694 बोरा (करीब 319 क्विंटल) अवैध धान से भरा ट्रक जब्त किया गया।
जिले में अलग-अलग जगह हुई कार्रवाई

वहीं जिले में अलग-अलग कार्रवाइयों के दौरान कुल 2986 कट्टा अवैध धान जब्त किया गया है। धमतरी जिले में अनियमितता पाए जाने पर प्राथमिक कृषि सहकारी समिति मोहदी के प्रबंधक और ऑपरेटर को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।

बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में 75 कट्टा धान सहित एक पिकअप वाहन जब्त किया गया। सरगुजा जिले में राइस मिलों के भौतिक सत्यापन के दौरान धान की कमी पाए जाने पर संबंधित मिलों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
राइस मिल सील, संचालक के खिलाफ केस दर्ज

बिलासपुर जिले में अमरनाथ एग्रो प्रोडक्ट राइस मिल को सील कर संचालक के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। यहां से 54 हजार क्विंटल से अधिक धान जब्त किया गया है, जिसकी कीमत करीब 16 करोड़ रुपये आंकी गई है।बिलासपुर जिले में अब तक 56 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का धान जब्त किया जा चुका है।

खाद्य सचिव रीना बाबा कंगाले ने स्पष्ट किया कि धान उपार्जन का लाभ केवल वास्तविक किसानों को मिले, यही शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि फर्जी टोकन, बिचौलियों, अवैध परिवहन और कस्टम मिलिंग में गड़बड़ी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
टोल फ्री नंबर 1800-233-2310 पर दें सूचना

नियमों के उल्लंघन पर राज्य चावल उपार्जन आदेश, 2016 और आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कार्रवाई की जा रही है। खाद्य विभाग की ओर से धान एवं चावल उपार्जन की सुदृढ़ निगरानी सुनिश्चित करने के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना की गई है। कोई भी व्यक्ति अवैध धान के भंडारण या बिक्री की सूचना टोल फ्री नंबर 1800-233-2310 पर निश्शुल्क दे सकता है।
माइक्रो एटीएम मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं

राज्य सरकार की ओर से किसानों की सुविधा के लिए धान उपार्जन केंद्रों में माइक्रो एटीएम मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। इसके माध्यम से किसान 2,000 रुपये से 20,000 रुपये तक की राशि तत्काल निकाल सकते हैं।

सहकारिता विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रदेशभर के समितियों में 2,058 माइक्रो एटीएम की व्यवस्था की गई है, ताकि धान बेचने आने वाले किसान तात्कालिक खर्चे के लिए आवश्यक राशि का आहरण कर सकें।

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