नई दिल्ली: राज्यसभा में विपक्षी दलों ने मंगलवार को मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में अनियमितताओं का मुद्दा उठाया, लेकिन चर्चा नहीं मिलने पर सदन से बहिर्गमन कर दिया।
तृणमूल कांग्रेस के Derek O’Brien ने व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में चल रही एसआईआर प्रक्रिया में अनियमितताएं हो रही हैं और इस पर सदन में चर्चा होनी चाहिए।
कांग्रेस नेता और नेता विपक्ष Mallikarjun Kharge ने भी श्री ओ’ब्रायन का समर्थन किया और कहा कि यह एक महत्वपूर्ण विषय है, जिस पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए।
सभापति का रुख
सभापति और नेता सदन Jagat Prakash Nadda ने कहा कि विपक्ष के सदस्यों को कई अवसर दिए जा चुके हैं, लेकिन उनका लाभ नहीं उठाया गया। उन्होंने नियम 267 के तहत पहले ही कई बार व्यवस्था प्रदान की गई होने की बात कही।
हंगामे का कारण
विपक्ष के कई सदस्य, जिसमें कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस शामिल हैं, आसन के निकट आकर नारेबाजी करते रहे। सभापति ने शांतिपूर्वक सदन चलाने का आग्रह किया, लेकिन उनकी मांग न माने जाने पर विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन कर लिया।
नेता सदन नड्डा ने कहा कि विपक्ष का यह रवैया सदन की कार्यवाही में व्यवधान उत्पन्न करने वाला है और उन्होंने विपक्ष के बहिर्गमन की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि जब सरकार ने एसआईआर के मुद्दे पर जवाब दिया, तो विपक्ष ने चर्चा में भाग लेने के बजाय बहिर्गमन को प्राथमिकता दी।
