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सदन में नक्सली मुठभेड़ को लेकर भिड़ा पक्ष-विपक्ष

रायपुर। विधानसभा मानसून सत्र के तीसरे दिन बुधवार को सदन में नक्सली मुठभेड़ को लेकर पक्ष और विपक्ष भिड़ गया। नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने नक्सल क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मियों पर बड़ा आरोप लगा दिया। महंत ने कहा कि, पुलिस वाले भरमार बंदूक ले जाकर आम लोगों के सामने रख देते हैं, और उन्हें नक्सली बताकर मार देते हैं।

दरअसल नेता प्रतिपक्ष श्री महंत ने नक्सल क्षेत्रों में आम नागरिकों की मौत के संबंध में सवाल पूछा था। उनहोंने पूछा था कि, पिछले छह महीने में कितने आम नागरिकों को नक्सलियों ने मारा। नेता प्रतिपक्ष के सवाल पर जवाब देते हुए गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा- छह महीने में 19 जवान शहीद हुए, 88 जवान घायल हुए। छह महीने में 34 आम नागरिकों को नक्सलियों ने मारा। उन्होंने बताया कि, इनमें से 4 को जन अदालत में मारा गया, 6 आईडी ब्लास्ट में, 24 लोगों की मुखबिरी के शक में हत्या की गई।

भरमार बंदूक से फायरिंग होते किसने देखा : महंत

इसके बाद नेता प्रतिपक्ष महंत ने कहा- मारे गए नक्सलियो में कितने इनामी नक्सली थे, कितने बाहरी थे। तब गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा- 137 नक्सलियों पर इनाम था। तब फिर से महंत ने पूछा कि, अब तक कितने बन्दूक जब्त हुए, कितने चलते हैं, भरमार बन्दूक से फायरिंग होते देखे हैं। उन्होंने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि, पुलिस वाले आम लोगों के सामने भरमार बन्दूक लेकर रख देते हैं और उन्हें नक्सली बता देते हैं। जाँच काराएंगे क्या, भरमार बन्दूक चलने लायक़ है या नहीं।

पुलिसकर्मियों पर आशंका जताना गलत : शर्मा

इस पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि, कोई मर गया उसके पास बंदूक रखकर फोटो खिंचा लेना उचित नहीं है। यह आशंका भी गलत है, नक्सलियों के पास AK 47 भी बरामद हुए हैं। इस पर विधायक विक्रम मण्डावी ने कहा- पीडिया गाँव में 10 निर्दोष ग्रामीणों को मारा गया। विक्रम मंडावी के इस आरोप पर गृह मंत्री ने कहा- इस तरह के आरोप लगाकर सुरक्षा बलों का मनोबल मत तोड़िए। इस पर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर नारेबाजी होने लगी।

इसके बाद कवासी लखमा ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार जिन्‍हें नक्‍सली बात रही है वे सभी ग्रामीण थे और तेंदूपत्‍ता तोड़ने के लिए वहां एकत्र हुए थे। पुलिस ने उन्‍हें घेर कर गोली मार दिया। लखमा के इस आरोप पर गृह मंत्री भड़क गए। उन्‍होंने इस बयान को गैर जिम्‍मेदाराना और सुरक्षाबलों का मनोबल गिराने वाला बयान बताया। फर्जी मुठभेड़ और ग्रामीणों की हत्‍या के आरोपों से भड़के शर्मा ने लखमा के बयान को गैर जिम्‍मेदाराना बताया। कहा कि ऐसे गैरजिम्‍मेदाराना का मैं इसका कोई जवाब देना नहीं चाहता।

शर्मा के इस बयान से विपक्षी सदस्‍य नाराज हो गए और अपने स्‍थान पर खड़े होकर नारेबाजी करने लगे। इसके जवाब में बीजेपी विधायकों ने भी नारेबाजी शुरू कर दी। दोनों तरफ से चल रही नारेबाजी और शोरशराबा के बीच स्‍पीकर डॉ. रमन सिंह ने 12 बजते ही प्रश्‍नकाल समाप्‍त होने की घोषणा कर दी।

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