छत्तीसगढ़

आस्था, उत्साह और उमंग के पर्व महाशिवरात्रि पर भूतेश्वरनाथ महादेव धाम में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

On the occasion of Mahashivratri, a festival of faith, enthusiasm and excitement, a huge crowd of devotees gathered at Bhuteshwarnath Mahadev Dham.

दर्शन–पूजन और जलाभिषेक का सिलसिला जारी

लोकेश्वर सिन्हा

गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के ग्राम मरौदा के घने और सुरम्य जंगलों के बीच स्थित स्वयंभू शिवलिंग भगवान भूतेश्वरनाथ धाम में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आस्था का महासागर उमड़ पड़ा है। ब्रम्हमुहूर्त से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें मंदिर परिसर में लग गईं। “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयकारों से पूरा वनांचल क्षेत्र शिवमय हो उठा है।

पहाड़ों और घने जंगलों से घिरे इस पवित्र क्षेत्र को प्राचीन काल में “गिरिवन” कहा जाता था, जो कालांतर में बदलकर गरियाबंद के नाम से प्रसिद्ध हुआ। आज यही धरती भगवान भोलेनाथ की अपार कृपा का साक्षी बन रही है।

*शांत वनांचल में विराजमान विश्व का विशालतम स्वयंभू शिवलिंग*

गरियाबंद जिला मुख्यालय से महज ही 5 किलोमीटर दूर ग्राम मरौदा के रमणीय जंगलों में प्राकृतिक रूप से स्थापित यह स्वयंभू शिवलिंग विश्व के विशालतम स्वयंभू शिवलिंग के रूप में प्रसिद्ध है। मान्यताओं के अनुसार, शिवलिंग की ऊंचाई लगभग 72 फीट और गोलाई करीब 210 फीट है। वर्षों से यह शिवलिंग धीरे-धीरे प्राकृतिक रूप से बढ़ता जा रहा है, जिसे देखने के लिए देशभर से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। भक्तों का विश्वास है कि भगवान भोलेनाथ से सच्चे मन और गहरी आस्था से मांगी गई हर मुराद यहां पूरी होती है। यही वजह है कि महाशिवरात्रि के दिन छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों से भी हजारों श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर भूतेश्वरनाथ धाम पहुंचते हैं।

*दर्शन, पूजन और जलाभिषेक का दिनभर चलेगा सिलसिला*

महाशिवरात्रि के अवसर पर तड़के सुबह से ही श्रद्धालु भगवान भूतेश्वरनाथ महादेव के दर्शन, विधिवत पूजन और जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं। कोई गंगाजल चढ़ा रहा है तो कोई दूध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित कर भोलेनाथ का जलअभिषेक कर रहा है।

दिन चढ़ने के साथ-साथ श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन किए गए दर्शन और जलाभिषेक से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है, इसलिए भक्त पूरे परिवार के साथ यहां पहुंच रहे हैं।

*समिति और प्रशासन की चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था*

भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति और जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसर और आसपास के मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है।

भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। वहीं मंदिर परिसर मेडिकल टीम भी तैनात है ताकि किसी आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके।

*प्रशासनव समिति की अपील*

प्रशासन और समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे दर्शन के दौरान शांति बनाए रखें और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें। किसी भी तरह की परेशानी होने पर नजदीकी पुलिस या स्वयंसेवकों से संपर्क करें।

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