जिला संवाददाता मुंगेली
माखन सिंह
लोकेशन लोरमी
लोरमी – शासकीय स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम हायर सेकेंडरी स्कूल लोरमी में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर शिक्षक दिवस का आयोजन हर्षोल्लास एवं श्रद्धा भाव से किया गया। कार्यक्रम का आयोजन स्कूल के प्राचार्य श्री अरुण जायसवाल के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर शिक्षिका दीपिका साहू, संतोषी जायसवाल, भुपेंद्रसर,करन सर,मंशीउपाध्याय सिफाली,संगीता मैडम एवं समस्त छात्र-छात्राओं द्वारा डॉ. राधाकृष्णन के छायाचित्र पर गुलाल-तिलक लगाकर, पुष्प अर्पित कर, अगरबत्ती जलाकर पूजा-अर्चना की गई। इसके साथ ही छात्रों ने उनके जीवन और शिक्षा क्षेत्र में किए गए योगदान पर भाषण प्रस्तुत किए।
डॉ. राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर 1888 को तमिलनाडु के तिरुत्तनी गांव में हुआ था। उन्होंने अपनी शिक्षा तिरुपति, मद्रास तथा ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से प्राप्त की। वे 1952 में भारत के पहले उपराष्ट्रपति तथा 1962 में राष्ट्रपति बने। उन्होंने अपने जन्मदिवस को “शिक्षक दिवस” के रूप में मनाने की अनुमति देते हुए कहा कि यह दिन देशभर के शिक्षकों के सम्मान का प्रतीक होना चाहिए।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों, वरिष्ठ शिक्षकों, क्लास टीचर्स एवं कार्यक्रम में आमंत्रित पत्रकार साथियों को पेन और कॉपी भेंट कर शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। यह सौगात केवल एक उपहार नहीं, बल्कि उनके प्रति प्रेम, सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक थी। सभी उपस्थितजनों ने विद्यार्थियों की इस पहल की सराहना की।
प्राचार्य अरुण जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा, “शिक्षक वह दीपक है, जो अपने प्रकाश से न केवल जीवन को उज्ज्वल करता है, बल्कि समाज को दिशा भी देता है। शिक्षक दिवस एक ऐसा अवसर है, जब हम उन सभी गुरुओं का सम्मान करते हैं जिन्होंने हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।”
