लोकेश्वर सिन्हा, गरियाबंद
आस्था, उत्साह और उमंग के पर्व महाशिवरात्रि पर स्वयंभू शिवलिंग भगवान भूतेश्वरनाथ धाम में सुबह से ही श्रद्धालुओं का आने का सिलसिला जारी है, यह क्षेत्र गिरी (पर्वत) और जंगलों से घिरे होने के चलते पहले इसे गिरिवन कहलाता था, जो अब कालांतर में गरियाबंद के नाम से जाना जाता है, जिसके ग्राम मरौदा के सुरम्य जंगलों में शांत रूप में स्वयंभु भगवान भूतेश्वरनाथ की विशाल शिवलिंग स्थित है, जिसे विश्व के विशालतम स्वयंभू शिवलिंग कहा जाता है, बताया जाता है कि इस शिवलिंग की ऊंचाई 72 फीट और गोलाई 210 फिट है, मान्यता है कि भगवान भोलेनाथ से सच्ची श्रद्धा और आस्था से मांगी गई हर मुरादे पूरी करते हैं, इसी के चलते यहां छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य राज्यों से भी श्रद्धालुओं अपनी मनोकामना लेकर इनके दर्शन को पहुँचते हैं, महाशिवरात्रि पर्व पर यहां समिति और प्रशासन की ओर से सुरक्षा की चाक–चौबंध व्यवस्था की गई है, सुबह से ही श्रद्धालु भगवान भूतेश्वरनाथ महादेव के दर्शन, पूजन और जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं, जो कि पूरे दिनभर जारी रहेगा।