रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा
रीवा: एनएसयूआई रीवा ने छात्र विरोधी नीतियां ,बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, एवं शिक्षण संस्थान में बढ़ते भेदभाव, गैस सिलेंडरों को लेकर मचे हाहाकार के विरोध में। ईडी सीबीआई के दुरुपयोग सहित अन्य मुद्दों को लेकर भारतीय जनता पार्टी के रीवा कार्यालय का घेराव करने निकली थी। लेकिन पुलिस ने भाजपा कार्यालय के पहले ही छात्रों को रोक लिया। पुलिस को छात्रों की रोकने लिए वाटर कैनन के साथ ही आंसू गैस के गोले का इस्तेमाल करना पड़ा। पुलिस विरोध प्रदर्शन कर रहे कई छात्रों को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई।
वी ओ 01…….सोमवार को रीवा में एनएसयूआई ने कई मुद्दों को लेकर भाजपा कार्यालय का घेराव करने निकली थी। जिसे देखते हुए बीजेपी कार्यालय के पहले ही पुलिस ने उन्हें रोकने बेरीकेट्स लगा रखे थे, और मौके पर काफी पुलिस बल भी मौजूद था। भारतीय जनता पार्टी की नीतियों को लेकर, रीवा की एनएसयूआई की टीम ने जिला अध्यक्ष पंकज उपाध्याय के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी कार्यालय के घेराव का आह्वान किया था। छात्र रीवा के बैजू धर्मशाला में एकत्र हुए, वहां पर से रैली की शक्ल में भाजपा कार्यालय की ओर निकले, थोड़ी दूर आगे ही पुलिस ने बेरिकेट लगाकर छात्रों को रोक दिया। इस दौरान छात्रों ने जमकर नारेबाजी की, छात्रों को रोकने के लिए पुलिस को वाटर कैनन के साथ ही आंसू गैस के गोले का इस्तेमाल करना पड़ा। उसके बाद भी छात्रों की नारेबाजी जारी रही जिसके बाद पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई। छात्रों का कहना था, शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव हो रहे है, देश में दंगा करवाने जैसी स्थिति बन गई है। एपिस्टीन फाइल की निष्पक्ष जांच की मांग करी है, रीवा जिले की बदहाल कानून व शिक्षा व्यवस्था की ओर ध्यान आकर्षित करने हेतु, भोपाल कांग्रेस कार्यालय में बीजेपी के गुंडो द्वारा की गई तोड़फोड़ के खिलाफ। ईडी सीबीआई जैसी सरकारी एजेंसीयों का सत्ता के दबाव में राजनीतिक दुरुपयोग, स्थानीय रोजगार उपलब्ध कराने की मांग को लेकर वो एनएसयूआई द्वारा जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया।
