
रिपोर्टर : सुभाष मिश्रा
रीवा एमपी। देश की सेवा के लिए विंध्य के कई सपूतों ने अपना विशेष योगदान देकर विंध्य का मान बढ़ाया है। इस समय देश के दो प्रमुख थल और जल सेना की कमान विन्ध्य के सपूतों के हाथों में है। पहले जल सेना की कमान एडमिरल दिनेश त्रिपाठी उसके बाद भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट जनरल उपेंन्द्र द्विवेदी भारतीय सेना के नए प्रमुख होंगे। 30 जून को जनरल मनोज पाण्डेय की जगल लेंगे। 30 जून को वर्तमान सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडेय का कार्यकाल खत्म हो रहा है।
बता दें कि लेफ्टिनेंट जनरल उपेन्द्र द्विवेदी मूलत: रीवा जिले के रहने वाले है और सैनिक स्कूल रीवा के छात्र रहे है। लेफ्टिनेंट जनरल ने लंबे समय तक जम्मू कश्मीर में सेवाएं दी है। इसी साल 19 फरवरी को उपेन्द्र द्विवेदी ने थल सेना के उप प्रमुख का पदभार ग्रहण किया था। इसके बाद लेफ्टिनेंट जनरल को मिली इस उपलब्धि के यह क्षण विन्ध्य के लिए काफी गौरव भरा है। एक बार फिर लेफ्टिनेंट जनरल की इस उपलब्धि ने पूरे विन्ध्य क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।
श्याम शाह मेडिकल कालेज रीवा के पूर्व डीन डॉ. पीसी द्विवेदी ने बताया कि लेफ्टिनेंट जनरल की प्रारंभिक शिक्षा अंबिकापुर छत्तीसगढ़ में हुई, पांचवी के बाद इन्होनें सैनिक स्कूल में दाखिला लिया और वर्ष 1981 में पास आउट हुये। लेफ्टिनेंट जनरल उपेन्द्र द्विवेदी को कई विशेष उपलब्धियों से नवाजा गया है। जम्मू एवं काश्मीर रायफल्स के कमांडिंग ऑफिसर रह चुके है। इंस्पेक्टर जनरल असम राइफल्स मणिपुर, अतिरिक्त डायरेक्टर जनरल सेना मुख्यालय, यूनाइटेड नेशन्स के साथ सोमालिया अफ्रीका में भी भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व किया। यूएस आर्मी बार कालेज वाशिंगटन अमेरिका से विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है। सेशेल्स देश के सैन्य सलाहकार के पद मे भी कार्य कर चुके है। नवंबर 2021 में भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट जनरल उपेन्द्र द्विवेदी को अति विशिष्ट सेवा सम्मान से राष्ट्रपति रामनाथ कोविद द्वारा सम्मानित किया गया है।
50 पैसे के लिए झूठ बोलने का लगा था आरोप :
देश के सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र दिवेदी के बड़े भाई ने वाक्या बताया दशकों पहले उपेंद्र दिवेदी पर 50 पैसे के लिए झूठ बोलने का आरोप लगा था। पिता को इस बात का गर्व था की मेरा बेटा झूठ नही बोलता इसी वजह से दुकानदार के पास पैसे का हिसाब पूछने पहुंच गए थे। दरअसल पिता ने कुछ किराना खरीदने के लिए रुपए देकर उपेंद्र को भेजा। समान और बचे हुए पैसे लेकर उपेंद्र घर आए तो उसमे 50 पैसे कम थे। इस बात पर पिता दुकानदार के पास गए और जब पूछे की पैसे कम थे तो दुकानदार ने ये कह दिया की मैंने पूरे दिए थे आपके बेटे ने झूठ बोला है। इस बात पर उपेंद्र के पिता को पूरा भरोसा मेरा बेटा झूठ नही बोलता। लिहाजा वह अपनी बात पर अडिग रहे। उपेंद्र के पिता की ही सेना में जाने की इक्षा थी।
सैनिक स्कूल को है गर्व :
कर्नल अविनाश रावल ने बताया की सैनिक स्कूल का पूरा परिवार गर्व महसूस कर रहा है की लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र दिवेदी यहां के पूरा छात्रा है। कुछ दिनों पहले ही डायमंड जुबली के मौके पर स्कूल में दौरा हुआ था, उन्होंने स्कूल के प्रवेश द्वार का लोकार्पण किया और अपने अनुभव साझा किए थे।



