गरियाबंद । प्रदेश एन.एच.एम. कर्मचारी संघ अपनी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले पाँच दिनों से आंदोलनरत है। इस दौरान संघ ने विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया है। इसी कड़ी में आज संघ के चार कर्मचारियों ने मुंडन संस्कार कार्यक्रम कर विरोध जताया।
कर्मचारी संघ का कहना है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस शासनकाल में भी उन्होंने हड़ताल की थी, तब वर्तमान सत्ताधारी दल ने उनकी मांगों का समर्थन किया था और सत्ता में आने पर इन्हें पूरा करने का आश्वासन भी घोषणा पत्र में दिया था। लेकिन आज तक मांगें पूरी नहीं हुईं, इसी कारण आंदोलन जारी है।
आंदोलन को आज डॉक्टरों ने भी समर्थन दे दिया, जिससे अस्पतालों में सन्नाटा पसरा हुआ है और मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि सिविल सर्जन का कहना है कि हड़ताल के बावजूद आपातकालीन सेवाओं को बहाल रखा गया है। कर्मचारी संघ की प्रमुख मांगें,
संविलियन एवं स्थायीकरण, पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना
ग्रेड पे का निर्धारण, कार्य मूल्यांकन व्यवस्था में पारदर्शिता
लंबित 27% वेतन वृद्धि,नियमित भर्ती में सीटों का आरक्षण
अनुकम्पा नियुक्ति, मेडिकल एवं अन्य अवकाश सुविधा
स्थानांतरण नीति, न्यूनतम 10 लाख कैशलेस चिकित्सा बीमा।
