रायपुर। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने जल संरक्षण से जुड़े मामले में देश के तीन क्रिकेट स्टेडियमों को अगली सुनवाई तक उसकी अनुमति के बिना किसी भी खेल गतिविधि के आयोजन पर रोक लगा दी है। इन स्टेडियमों ने केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (CGWA) और एनजीटी की ओर से जारी कई नोटिस के बावजूद अपना जवाब दाखिल नहीं किया। NGT का यह अंतरिम आदेश इन मैदानों के रखरखाव में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से शोधित पानी के स्थान पर भूजल या ताजा जल के इस्तेमाल पर और भूजल संरक्षण के लिए वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित नहीं करने से जुड़े मामले में दिया गया है।
इसी अप्रैल में एनजीटी ने देश के छह क्रिकेट स्टेडियमों को नोटिस जारी किया था। उनसे पूछा गया था कि मैदान और पिच के रखरखाव में इस्तेमाल किए जाने वाले पानी के स्रोत की जानकारी नहीं देने के कारण उनकी गतिविधियों पर रोक क्यों न लगाई जाए। स्टेडियमों में रायपुर का शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, नई दिल्ली का अरूण जेटली स्टेडियम, जयपुर का सवाई मानसिंह स्टेडियम, मुंबई का डॉ डीवाई पाटिल स्टेडियम, लखनऊ का भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम और कटक का बाराबती स्टेडियम शामिल थे।
तीन स्टेडियम नहीं दे रहे जवाब
आवेदक की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने एनजीटी को बताया कि इनमें से तीन स्टेडियम बार-बार नोटिस जारी होने के बावजूद जवाब नहीं दे रहे हैं। इसपर एनजीटी ने कहा कि ‘देश के विभिन्न हिस्सों में जल संकट की गंभीर स्थिति को देखते हुए हमें उम्मीद थी कि ये स्टेडियम अधिकरण के नोटिस का उचित जवाब देंगे और जरूरी सुधारात्मक कदम उठाएंगे। लेकिन अधिकरण और सीजीडब्ल्यूए की ओर से बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद इन तीनों स्टेडियमों ने जवाब दाखिल करने की जरूरत नहीं समझी।
17 अगस्त तक खेल गतिविधि बंद
एनजीटी ने अंतरिम आदेश देते हुए कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, सवाई मानसिंह स्टेडियम और डी वाई पाटिल स्टेडियम में 17 अगस्त को होने वाले अगली सुनवाई तक किसी भी खेल गतिविधि के संचालन पर रोक है।
