नई SOR से विकास कार्यों को मिलेगी गति

New SOR to accelerate development works.

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी निर्माण कार्यों की सुस्त पड़ती रफ्तार को अब नई ऊर्जा मिलने वाली है। प्रदेश के नगरीय निकायों में लंबे समय से लंबित विकास कार्यों को गति देने के लिए राज्य सरकार ने लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी नवीन दर अनुसूची को नगरीय निकायों में भी लागू कर दिया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने आदेश जारी कर प्रदेश के सभी नगर निगम आयुक्तों और मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं।

शासन के इस फैसले के बाद अब प्रदेश के शहरों में सड़क, भवन और बिजली से जुड़े विकास कार्यों के एस्टीमेट (प्राक्कलन) नई बाजार दरों के आधार पर तैयार हो सकेंगे। विभाग के उप सचिव भागवत जायसवाल द्वारा जारी इस आदेश को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि पुरानी दरों और वर्तमान बाजार भाव में काफी अंतर होने के कारण कई ठेकेदार टेंडर लेने से बच रहे थे, जिससे निकायों के विकास कार्य ठप पड़े थे। ये दर 10 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी। इसमें बिजली फिटिंग और मशीनी कार्यों की दरों को बाजार भाव के अनुरूप अपडेट किया गया है।

भवन निर्माण के लिए वर्ष 2015 के बेस रेट को संशोधित कर 20 अप्रैल 2026 की नई दरों और सड़क निर्माण कार्य के लिए 20 अप्रैल 2026 से नई दरें प्रभावी कर दी गई हैं। नगरीय प्रशासन विभाग के संचानालय ने भी स्पष्ट कर दिया है कि इन दरों के प्रभावी होने से निकायों की कार्यक्षमता में सुधार होगा। विभाग ने इसके साथ ही निर्देश दिए हैं कि सभी अधिकारी नई दर अनुसूची का गहन अध्ययन कर ही नए कार्यों के प्रस्ताव भेजें।

जीएसटी मुक्त होंगी नई दरें, पारदर्शिता पर जोर

लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी किए गए नए एसओआर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें दरों को जीएसटी से मुक्त रखा गया है। विभाग के प्रमुख अभियंता विजय कुमार भटपाल द्वारा जारी प्रस्ताव के अनुसार, पूर्व में वर्ष 2020 से प्रभावी दरें जीएसटी सहित थीं, लेकिन 10 अप्रैल 2026 से लागू नई दरों में स्पष्टता लाने के लिए इन्हें टैक्स मुक्त रखा गया है। इससे ठेकेदारों और विभाग के बीच बिलिंग को लेकर होने वाले विवादों में कमी आएगी।

वर्जन…

“पीडब्ल्यूडी का एसओआर केवल अनुमान लगाने का उपकरण नहीं है, बल्कि यह सरकारी और निजी क्षेत्र के लिए एक प्रमाणिक आधार है। बाजार की बदलती कीमतों को देखते हुए इन नई दरों का लागू होना आवश्यक था।”

विजय कुमार भटपाल, प्रमुख अभियंता, पीडब्ल्यूडी
आम जनता और ठेकेदारों को ये फायदे होंगे

ठेकेदारों को काम करने में सुगमता होगी और निविदाओं में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में सुधार होगा क्योंकि एस्टीमेट अब वास्तविक लागत के करीब होंगे।
नगरीय क्षेत्रों में पाइपलाइन, स्ट्रीट लाइट, ड्रेनेज और सीसी रोड जैसे कार्यों को समय पर पूरा किया जा सकेगा।

 

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