भिलाई इस्पात संयंत्र के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (जेएलएनएचआरसी), भिलाई के मेडिकल एचआर विभाग द्वारा महिला ठेका श्रमिकों के लिए ‘नई चेतना’ जागरूकता एवं क्षमता संवर्धन कार्यक्रम का आयोजन 26 अक्टूबर 2026 को जेएलएनएचआरसी के कॉन्फ्रेंस हॉल में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिला ठेका श्रमिकों को उनके कानूनी अधिकारों, कार्यस्थल पर सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी आवश्यक जानकारी प्रदान करना तथा उनके लिए सुरक्षित, स्वस्थ और सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम का आयोजन मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं प्रमुख, मेडिकल, एमएंडएचएस, भिलाई इस्पात संयंत्र, डॉ. उदय कुमार के मार्गदर्शन में किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारू संचालन एवं रखरखाव में ठेका श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनके कल्याण, सुरक्षा एवं अधिकारों के प्रति जागरूकता सुनिश्चित करना आवश्यक है।
महाप्रबंधक, एमएंडएस, एमएंडएचएस, श्री संजय शर्मा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से विशेषज्ञों द्वारा श्रमिकों को उनके वैधानिक अधिकारों, कानूनी संरक्षण एवं कार्यस्थल पर गरिमा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन कार्यबल के प्रत्येक वर्ग के कल्याण, सुरक्षा एवं पारदर्शिता के प्रति प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम के आयोजन एवं समन्वय में सहायक प्रबंधक (एचआर-मेडिकल), सुश्री शीबा थॉमस की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने कार्यक्रम का संचालन करते हुए विभिन्न सत्रों के सुचारू आयोजन एवं प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की।
सहायक महाप्रबंधक (एचआर-एनडब्ल्यू), सुश्री जया रॉय ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 अर्थात पॉश (POSH) अधिनियम के प्रावधानों पर जानकारी दी। उन्होंने आंतरिक शिकायत समिति की भूमिका, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया तथा कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति पर प्रकाश डाला।
सहायक प्रबंधक (एचआर), डॉ. उपेंद्र शर्मा ने नए वेतन संहिता (कोड ऑन वेजेज) के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी देते हुए न्यूनतम वेतन, समान पारिश्रमिक एवं सामाजिक सुरक्षा से संबंधित पात्रताओं और अधिकारों को सरल भाषा में समझाया।
विभागाध्यक्ष, शिशु रोग विभाग की मुख्य सलाहकार, डॉ. माला चौधरी ने संक्रमण नियंत्रण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट के उचित पृथक्करण एवं निस्तारण से संबंधित प्रक्रियाओं की जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों को बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) एवं कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में जीवनरक्षक सहायता प्रदान करने के आवश्यक कौशलों की जानकारी मिली।
कार्यक्रम में महिला ठेका श्रमिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विभिन्न सत्रों के दौरान प्रश्नोत्तर एवं व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान किया गया।
यह पहल जेएलएनएचआरसी के मेडिकल एचआर विभाग तथा सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन की कर्मचारी कल्याण, कानूनी जागरूकता, कार्यस्थल पर सुरक्षा एवं सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
